लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ को एक अहम जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की जिम्मेदारी उनसे वापस ले ली है। अब यूपीडा को अवस्थापना विकास विभाग से अटैच कर दिया गया है, जिसका प्रभार स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास है। इसका सीधा अर्थ है कि यूपीडा अब सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करेगा।
सीएम के पास यूपीडा की सीधी जिम्मेदारी
नंद गोपाल गुप्ता नंदी यूपी सरकार में औद्योगिक विकास मंत्री हैं और काफी समय से उनके पास यूपीडा का भी प्रभार था। यूपीडा राज्य में गंगा एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे जैसी कई बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है। इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, टेंडर प्रक्रिया और निजी निवेशकों के साथ समन्वय का महत्वपूर्ण कार्य यूपीडा ही संभालता है।
सरकार ने बताई बेहतर तालमेल और गति की वजह
सचिवालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब यूपीडा के अधीन चल रही सभी एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं का काम अवस्थापना विकास विभाग के तहत आ गया है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संभाल रहे हैं। मंत्री नंदी से यह विभाग वापस लेने के पीछे सरकार ने ‘बेहतर तालमेल और कामकाज में तेजी लाना’ मुख्य वजह बताई है। बता दें कि नंद गोपाल गुप्ता नंदी प्रयागराज की दक्षिणी सीट से विधायक हैं और योगी सरकार में एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री हैं।
27 मई को ही हो गया था यह बड़ा बदलाव
यह कदम यूपी सरकार में एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव माना जा रहा है, जिसकी चर्चा सियासी गलियारों में गर्म है। खास बात यह है कि योगी सरकार के भीतर यह महत्वपूर्ण बदलाव बीते 27 मई को ही कर दिया गया था, लेकिन इसके आधिकारिक आदेश 8 जून को सार्वजनिक किए गए हैं। सचिवालय की ओर से 27 मई 2024 को जारी आदेश में कहा गया था कि यूपीडा से जुड़े सभी कार्य अब अवस्थापना विकास अनुभाग को सौंपे जा रहे हैं।



