लखनऊ/नोएडा: उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर पदोन्नति करते हुए 36 पीसीएस (प्रान्तीय सिविल सेवा) अधिकारियों को आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) कैडर में पदोन्नत किया है। इस फेरबदल में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के ओएसडी शैलेंद्र कुमार सिंह सहित कई दिग्गज अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
2011 और 2012 बैच को मिला तोहफा
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, पदोन्नत होने वाले ये अधिकारी मुख्य रूप से वर्ष 2011 और 2012 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। लंबे समय से प्रतीक्षित इस प्रमोशन के बाद अब ये अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा के सदस्य के रूप में नई जिम्मेदारियां संभालेंगे।
प्रमुख नामों पर एक नज़र
पदोन्नत होने वाले अधिकारियों में वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा और पूर्व सीईओ डॉ. सुनील वर्मा का नाम प्रमुखता से शामिल है। इसके अलावा, यमुना प्राधिकरण (YEIDA) में तैनात ओएसडी शैलेंद्र कुमार सिंह को भी आईएएस रैंक दी गई है, जिससे प्राधिकरण के कामकाज को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इन अधिकारियों को भी मिला प्रमोशन (प्रमुख सूची):
प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत होने वाले अधिकारियों की सूची लंबी है, जिनमें राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात अधिकारी शामिल हैं:

संतोष बहादुर सिंह: एडीएम (प्रशासन), सहारनपुर
नरेन्द्र बहादुर सिंह: एडीएम, लखीमपुर खीरी
हर्ष देव पांडेय: परीक्षा नियंत्रक, यूपीसीडा
डॉ. नितिन मदान: एडीएम, रामपुर
पूनम निगम: उप सचिव, यूपीपीसीएस
अमित कुमार: अपर आयुक्त, मेरठ मंडल
प्रदीप कुमार यादव: एडीएम, सहारनपुर
योगानंद पांडेय: एडीएम सिटी, अयोध्या
विवेक श्रीवास्तव: सचिव, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA)
वैभव मिश्रा: एडीएम, कुशीनगर
आलोक कुमार: एडीएम, गोंडा
सुशीला: अपर आयुक्त, कानपुर
राकेश कुमार पटेल: अपर आयुक्त, लखनऊ
राजकुमार द्विवेदी: अपर आयुक्त, मिर्जापुर
संजय कुमार सिंह: एडीएम, मुजफ्फरनगर
पुष्पराज सिंह: सचिव, गोरखपुर विकास प्राधिकरण
अशोक कुमार कनौजिया: संयुक्त निदेशक, युवा कल्याण विभाग
अंजु कटियार: ओएसडी, राजस्व विभाग
प्रभुनाथ: विशेष सचिव, पीडब्ल्यूडी
हरीशचन्द्र: रेजिडेंट कमिश्नर (कोलकाता में तैनात)
स्थानीय प्रशासन पर प्रभाव
इस बड़े प्रशासनिक बदलाव से न केवल अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि विभिन्न विकास प्राधिकरणों और जिला प्रशासनों में निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। विशेष रूप से नोएडा/ग्रेटर नोएडा (यीडा) और लखनऊ जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में आईएएस रैंक के अधिकारियों की मौजूदगी से शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी।
आगामी दिनों में इन नव-पदोन्नत आईएएस अधिकारियों की नई तैनाती के आदेश भी जारी किए जा सकते हैं।


