आशु भटनागर । 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगुल अभी से बजता हुआ दिखाई दे रहा है। दादरी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और विभिन्न दलों के संभावित प्रत्याशी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। इस बीच, ‘एनसीआर खबर’ द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर शुरू किए गए एक जनमत सर्वेक्षण ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
पहले दिन के सर्वे में सत्येंद्र अवाना और अभिषेक कुमार का दबदबा
सर्वे के पहले दिन ही लगभग 1,000 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। आंकड़ों पर नजर डालें तो युवा नेता सत्येंद्र अवाना 57% मतों के साथ लोगों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। वहीं, शहरी क्षेत्र में सक्रिय नेफोवा (NEFOWA) के अभिषेक कुमार 24% वोट हासिल कर दूसरी पसंद बने हुए हैं। बिना किसी राजनैतिक समर्थन के किसी सामाजि व्यक्ति के लिए ऐसा समर्थन इस जिले में आज के वर्तमान सांसद डा मेहश शर्मा को ही मिला था जब वो नोएडा लोकमंच में सामाजिक कार्यो से राजनीती में आये थे I इस हिस्से में सपा से भाजपा में आये इस क्षेत्र के कद्दावर नेता नरेंद्र भाटी के पुत्र आशीष भाटी और वर्तमान विधायक तेजपाल नागर लगभग बराबर वोटो के साथ तीसरे स्थान को सुरक्षित करने की दौड़ में लगे हुए है। दादरी में कहा जा रहा कि 2024 में डा महेश शर्मा को चुनावी मदद के बदले नरेंद्र भाटी तीन बार के सांसद डा महेश शर्मा से अपने पुत्र आशीष भाटी के लिए समर्थन का वादा ले चुके है यधपि इन चर्चाओं के अधिकृत होने का कोई पुष्ट प्रमाण नहीं सामने आया है।
सर्वे के दूसरे भाग में, समाजवादी पार्टी से टिकट के दावेदार इंद्र प्रधान 42% वोट के साथ अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए हैं, जबकि सपा के जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी 17% लोगों का भरोसा ही जीत पाए हैं। कहा जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व ने दोनों ही नेताओ को अगले कुछ महीने काम करने के निदेश दिए और उसी के अनुसार दोनों में से किसी एक को चुना जाएगा 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ चुके नरेश नौटियाल मात्र 7% वोट पाकर पिछड़ते नजर आ रहे हैं, जो उनकी जनता से दूरी को दर्शाता है।
वर्तमान विधायक तेजपाल नागर के लिए बढ़ती चुनौतियां
5 दिनों तक चलने वाले सर्वे के पहले दिन के परिणाम लगातार दो बार से विधायक रहे तेजपाल नागर के लिए चिंता का विषय हो सकता है। सर्वे में शामिल लोगों की प्रतिक्रियाओं के अनुसार, विधायक द्वारा जनता की अपेक्षाओं पर खरा न उतरना एक बड़ा मुद्दा है। क्षेत्रीय जनता का आरोप है कि पिछले 9 वर्षों में शहर की समस्याओं, जैसे—फ्लैट खरीदारों की परेशानी, शमशान घाट, मेट्रो की मांग और सरकारी अस्पताल की कमी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ठोस प्रगति नहीं हुई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी जातिगत मतभेदों और किसानों की समस्याओं को सुलझाने में विफलता को लेकर मतदाताओं में नाराजगी देखी जा रही है। किसान आंदोलन के दौरान भी विधायक की निष्क्रियता को एक बड़े राजनीतिक नुकसान के रूप में देखा जा रहा है।
क्या बदलेगी समीकरण की तस्वीर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर दिख रहा परिणाम का नेताओ द्वारा जमीनी स्तर पर जन सरोकारों का असर ही होता है। यह सर्वे अभी 4 दिन और चलना है, जिससे नतीजों में बदलाव की संभावना बनी हुई है।
यह सर्वे स्पष्ट करता है कि दादरी की जनता अब बदलाव की ओर देख रही है। ऐसे में क्या अगले 4 दिनों में वर्तमान विधायक तेजपाल नागर अपनी खोई हुई साख वापस पा सकेंगे या नए चेहरे दादरी की राजनीतिक तस्वीर बदलेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।
अपील: ‘एनसीआर खबर’ द्वारा आयोजित इस सर्वे में यदि आपने अभी तक भाग नहीं लिया है, तो आप ‘X’ पर जाकर अपने पसंदीदा प्रत्याशी के लिए मतदान कर सकते हैं।
दादरी विधान सभा में 2027 के लिए विधायक के लिए आपकी पहली पसंद कौन है ? (पार्ट 2) #NCRKhabar #Election2027 #Mahapoll #SurveyofDadri
— NCRKHABAR (@NCRKHABAR) June 28, 2026



