बदायूं। जनपद में उस समय हड़कंप मच गया जब जीएसटी विभाग की टीमों ने समाजवादी पार्टी के नवनियुक्त जिला कोषाध्यक्ष और रसूखदार कारोबारी रचित गुप्ता के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। दिल्ली, नोएडा और मेरठ से आई जीएसटी अधिकारियों की संयुक्त टीम ने 12 घंटे तक चले इस मैराथन ऑपरेशन के बाद रचित गुप्ता, मनोज साहू और उमेश को गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय अदालत ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
218 करोड़ की ‘गुटखा गदर’
जीएसटी विभाग की यह कार्रवाई बदायूं में अवैध रूप से चल रही पान मसाला और गुटखा फैक्ट्री को लेकर की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, यह गिरोह बिना किसी सरकारी पंजीकरण और विभागीय अनुमति के धड़ल्ले से गुटखा उत्पादन कर रहा था। कुल 12 एफएफएस (FFS) मशीनों के जरिए फरवरी से जून 2026 के बीच करीब 218 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी किए जाने का गंभीर आरोप है।
कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में तैयार पान मसाला, गुटखा पाउच और करीब 410 किलोग्राम कटी हुई सुपारी बरामद की गई है। इसके अलावा, कई नामी ब्रांडों की फर्जी पैकेजिंग सामग्री भी मिली है, जिससे यह साफ होता है कि यह गोरखधंधा बड़े स्तर पर फैला हुआ था।
रचित गुप्ता का राजनीतिक सफर और विवाद
रचित गुप्ता समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष थे। राजनीतिक गलियारों में उनकी पकड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे पूर्व में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी ने बदायूं की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर हमलावर है और इसे सत्ता के संरक्षण में पनपे भ्रष्टाचार से जोड़कर देख रहा है।

कानून का शिकंजा या राजनीतिक साजिश?
भले ही रचित गुप्ता के समर्थकों ने इसे ‘राजनीतिक विद्वेष’ से प्रेरित कार्रवाई बताने की कोशिश की हो, लेकिन बरामद हुए 218 करोड़ रुपये के सबूतों ने उनके बचाव के रास्ते बंद कर दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध मशीनें और कच्चा माल बिना किसी स्थानीय मिलीभगत के कैसे खप रहा था?
जीएसटी विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन और वितरण तंत्र को खंगाल रहा है ताकि उन चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके, जो इस अवैध साम्राज्यवाद को पर्दे के पीछे से हवा दे रहे थे। बदायूं की जनता अब उम्मीद कर रही है कि इस मामले में किसी भी बड़े रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम पूरी निष्पक्षता से करेगा।



