ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित शारदा हेल्थ केयर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने सोमवार को अपने अधिकारों और वेतन संबंधी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। सुरक्षाकर्मियों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और संबंधित एजेंसी द्वारा उन्हें पिछले तीन महीनों से बढ़ा हुआ वेतन नहीं दिया जा रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
वेतन में कटौती का आरोप
प्रदर्शन कर रहे सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि नियुक्ति के समय उनसे 22,000 रुपये मासिक वेतन देने का वादा किया गया था। हालांकि, वर्तमान में उन्हें केवल 17,800 रुपये ही दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई के दौर में कम वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। उनके अनुसार, पिछले तीन महीनों से बढ़े हुए वेतन की मांग की जा रही है, लेकिन प्रबंधन की ओर से केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
13 घंटे की ड्यूटी से नाराजगी
वेतन के अलावा, सुरक्षाकर्मियों ने काम के घंटों को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनसे प्रतिदिन 13-13 घंटे तक की लंबी ड्यूटी कराई जा रही है। श्रम नियमों की अनदेखी करते हुए उन पर काम का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है, जबकि उस अनुपात में उन्हें पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
सोमवार सुबह बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। उन्होंने एक ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि उनके वेतन विसंगति को जल्द से जल्द दूर किया जाए और काम के घंटे निर्धारित किए जाएं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षाकर्मियों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभाग को मामले की जांच करने और उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, इस प्रदर्शन के कारण नॉलेज पार्क और कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास काफी हलचल रही।
यह मामला एक बार फिर निजी संस्थानों में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों के शोषण और वेतन संबंधी नियमों के कार्यान्वयन पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।



