ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की घोर लापरवाही एक बार फिर एक मासूम बच्चे की जिंदगी पर भारी पड़ने वाली थी, लेकिन ऐन मौके पर पहुंचे ‘ARTO‘ ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से उसकी जान बचा ली। यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना यथार्थ हॉस्पिटल के ठीक सामने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में हुई, जहां महीनों से एक गहरा गटर बिना ढक्कन के खुला पड़ा है।
क्या है घटनाक्रम?
मंगलवार को एक 10 वर्षीय मासूम बच्चा अपनी मां के साथ इस व्यस्त मार्ग से गुजर रहा था कि अचानक उसका पैर फिसल गया। देखते ही देखते वह सीधे उस गहरे गटर में जा गिरा। बच्चे के गिरते ही आसपास चीख-पुकार मच गई और लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इतनी गहराई से बच्चे को तुरंत निकालने का कोई रास्ता लोगों को समझ नहीं आ रहा था।
इसी गहमागहमी के बीच, किस्मत से एआरटीओ (ARTO) राजेश मोहन अपनी टीम के साथ वहां से गुजर रहे थे। सड़क पर भीड़ और शोर-शराबा देखकर उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई। मामले की गंभीरता को भांपते हुए एआरटीओ राजेश मोहन ने बिना एक पल गंवाए तत्परता दिखाई। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और अपनी सूझबूझ से बच्चे को सुरक्षित गटर से बाहर खींच निकाला।
ग्रेटर नोएडा में मां के साथ लौट रहा 12 साल का बच्चा खुले नाले में गिरा। @OfficialGNIDA की लापरवाही आई सामने #NCRKhabar #ContestAlert #Dhamaal4 #EkPedMaaKeNaam #newshapeofgalaxy @NandiGuptaBJP @dmgbnagar @ChiefSecyUP @IasAlok pic.twitter.com/2hYhCSQWwI
— NCRKHABAR (@NCRKHABAR) July 7, 2026
बड़ा हादसा टला, प्राधिकरण पर फूटा गुस्सा
इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और चश्मदीदों में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ भारी नाराजगी है। लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह इलाका बेहद व्यस्त रहता है, क्योंकि यहां यमुना प्राधिकरण का कार्यालय और यथार्थ हॉस्पिटल मौजूद है, जिसके कारण चौबीसों घंटे वीआइपी आवागमन के साथ मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद यहां महीनों से गटर खुला हुआ है।

प्राधिकरण पर गंभीर आरोप
गुस्साए लोगों ने सवाल उठाया है कि, “आखिर इन खुले मौत के कुओं की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्राधिकरण किसी बड़ी दुर्घटना या किसी की मौत का इंतजार कर रहा है?” लोगों ने आरोप लगाए हैं कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस यमुना प्राधिकरण कार्यालय और यथार्थ अस्पताल के पास के इस क्षेत्र में अतिक्रमण, गंदगी और खुले मैनहोल पर कोई कार्रवाई नहीं करता है, जबकि यहां बड़े-बड़े वीआईपी भी आते हैं। निवासियों का कहना है कि प्रशासन न जाने किस बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।
यह घटना एक बार फिर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अर्बन और हेल्थ विभाग के अधिकारियो के ढुलमुल रवैये और नागरिक सुरक्षा के प्रति उसकी उदासीनता को उजागर करती है। स्थानीय लोग अब इस मामले में तत्काल कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।



