लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), उत्तर प्रदेश ने राज्य में संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से नए क्षेत्र एवं मोर्चा प्रभारियों की घोषणा की है। पार्टी मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, छह संगठनात्मक क्षेत्रों और विभिन्न मोर्चों के लिए अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्षेत्रीय स्तर पर नियुक्तियां
पार्टी ने उत्तर प्रदेश को सांगठनिक दृष्टि से विभाजित छह क्षेत्रों में नए प्रभारियों की नियुक्ति की है। पश्चिम क्षेत्र की कमान रामप्रताप सिंह चौहान को सौंपी गई है, जबकि ब्रज क्षेत्र की जिम्मेदारी गीता शाक्य को दी गई है। इसके अलावा, शंकर लोधी को कानपुर क्षेत्र और दिलीप पटेल को अवध क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है। प्रदेश के अन्य दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों, काशी और गोरखपुर की जिम्मेदारी क्रमशः रमेश सिंह और अभिजात मिश्रा को मिली है।
मोर्चा प्रभारियों की घोषणा
संगठन के विभिन्न विंगों यानी मोर्चों के स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
युवा मोर्चा: राजेश चौधरी
पिछड़ा मोर्चा: संजय राय
अनुसूचित मोर्चा: डॉ. धर्मेंद्र सिंह
महिला मोर्चा: कामेश्वर सिंह
अनुसूचित जनजाति मोर्चा: डॉ. प्रियंका रावत
अल्पसंख्यक मोर्चा: देवेश कोरी
किसान मोर्चा: शंकर गिरी

विशेष जिम्मेदारियां और प्रबंधकीय पद
पार्टी के आंतरिक प्रशासन और संचार को बेहतर बनाने के लिए गोविन्द नारायण शुक्ला को मुख्यालय प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, प्रदेश मंत्री नरेंद्र शर्मा को मीडिया प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
विस्तारक योजना (संयोजक) के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रज बहादुर को नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम ‘मन की बात’ के लिए अर्चना मिश्रा को संयोजक और राहुल वाल्मीकि को सह-संयोजक बनाया गया है।
संगठनात्मक रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के माध्यम से भाजपा ने क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है। पार्टी का लक्ष्य आगामी सांगठिनक कार्यों में तेजी लाना और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। नई नियुक्तियों के साथ ही पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आने वाले समय में अपनी पकड़ को हर वर्ग और हर क्षेत्र में और अधिक विस्तारित करने की योजना पर काम कर रही है।



