नोएडा की जीवनरेखा या भ्रष्टाचार का नासूर? सेक्टर-18 एलिवेटेड रोड पर हुआ खतरनाक गड्ढा, दांव पर लगी लोगों की जान

आशु भटनागर
4 Min Read
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नोएडा: क्या नोएडा प्राधिकरण किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? यह सवाल आज हर उस स्थानीय नागरिक केहन में गूंज रहा है जो सेक्टर-18 एलिवेटेड रोड से गुजरता है। सेक्टर-18 के पास एलिवेटेड रोड पर अचानक एक बड़ा गड्ढा क्या उभरा, पूरे शहर की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। इस गड्ढे के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है, जिससे रोजमर्रा दफ्तर जाने वाले और आम लोग बुरी तरह त्रस्त हैं। लेकिन सबसे डरावनी बात यह गड्ढा नहीं, बल्कि इसके पीछे छिपा भ्रष्टाचार और प्राधिकरण की वह आपराधिक लापरवाही है, जो जनता की जान को ताक पर रख रही है।

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जब इस अचानक हुए गड्ढे पर जनता का गुस्सा फूटा, तो लोग इसे प्राधिकरण की कार्यशैली और भ्रष्टाचार का जीता-जागता सबूत बताने लगे। हैरानी की बात यह है कि हमेशा अपनी पीठ थपथपाने वाले नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधकर बैठ गए हैं। एनसीआर खबर ने नोएडा प्राधिकरण के जीएम एसपी सिंह और वरिष्ठ प्रबंधक कपिल सिंह को फ़ोन किये किन्तु दोनों के फोन नहीं उठे, प्रश्न ये है कि आखिर उनके पास जवाब क्यों नहीं है? क्या वे इस लापरवाही की जिम्मेदारी लेने से डर रहे हैं?

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महज 5 साल में ही पोल खुल गई थी

याद कीजिए जून 2017 का वह समय, जब सेक्टर-18 से सेक्टर-61/60 को जोड़ने वाले इस 5 किलोमीटर लंबे मुख्य एलिवेटेड रोड को जनता के लिए बड़े तामझाम के साथ खोला गया था। अक्टूबर 2014 में शुरू हुए इस निर्माण कार्य की चमक-दमक के पीछे भ्रष्टाचार का दीमक पहले ही लग चुका था। स्थिति यह हो गई कि महज पांच साल के भीतर, यानी 2022 आते-आते, निर्माण में भारी अनियमितताओं और धांधलियों के चलते यह एलिवेटेड रोड क्षतिग्रस्त और खतरनाक घोषित कर दिया गया।

यह समझना मुश्किल नहीं है कि जिस प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार की नींव रखी गई हो, उसका हश्र यही होना था। हालांकि, इसके बाद नोएडा प्राधिकरण और ट्रैफिक विभाग ने जांच के नाम पर औपचारिकताएं जरूर निभाईं—प्राधिकरण ने अपनी आंतरिक जांच बिठाई, तो ट्रैफिक विभाग ने भी 3 सदस्यीय टीम बनाकर जांच का झुनझुना पकड़ा दिया। लेकिन नतीजा क्या निकला? सिवाय फाइलों के धूल फांकने के, ज़मीन पर हालात जस के तस हैं।

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अब सवाल यह उठता है कि पिछले 4 वर्षों से इस रोड की बदहाली जगजाहिर होने के बावजूद आज फिर से खतरनाक गड्ढे का उभरना क्या साबित करता है? यह साफ तौर पर बताता है कि प्राधिकरण के अधिकारियों ने इस गंभीर मामले को कभी गंभीरता से लिया ही नहीं। वे इसे हल्के में लेते रहे और जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया। क्या अधिकारियों की इस लापरवाही पर कभी कोई ठोस कार्रवाई होगी?

नोएडा प्राधिकरण को यह समझना होगा कि शहर की जनता टैक्स देती है, कोई भीख नहीं मांगती। इस एलिवेटेड रोड के निर्माण में भ्रष्टाचार करने वाले इंजीनियरों और अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और इस गड्ढे की महज लीपापोती करने के बजाय पूरे स्ट्रक्चर की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

update @ 11.04 समाचार प्रकाशित होने के बाद जीएम् और वरिष्ठ प्रबंधक से बात हुई जिन्होंने इस पर संज्ञान लेने की बात कही है।

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आशु भटनागर बीते 15 वर्षो से राजनतिक विश्लेषक के तोर पर सक्रिय हैं साथ ही दिल्ली एनसीआर की स्थानीय राजनीति को कवर करते रहे है I वर्तमान मे एनसीआर खबर के संपादक है I उनको आप एनसीआर खबर के prime time पर भी चर्चा मे सुन सकते है I Twitter : https://twitter.com/ashubhatnaagar हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I एनसीआर खबर पर समाचार और विज्ञापन के लिए हमे संपर्क करे । हमारे लेख/समाचार ऐसे ही सीधे आपके व्हाट्सएप पर प्राप्त करने के लिए वार्षिक मूल्य(रु999) हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : ashu.319@oksbi के जरिये देकर उसकी डिटेल हमे व्हाट्सएप अवश्य करे