नोएडा: नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने मंगलवार को प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, आईवीआरएस (IVRS) शिकायतों के निस्तारण, टूटी सड़कों और अवैध वेंडिंग जोन के मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई। सीईओ ने विभिन्न मोर्चों पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए स्पष्ट डेडलाइन तय की है।
यह बैठक हाल ही में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों और विशेष कार्याधिकारियों द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों के किए गए औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। बैठक में एसीईओ वंदना त्रिपाठी, पुष्पराज सिंह, ओएसडी क्रांति शेखर, इंदु प्रकाश सिंह, हर्षिता तिवारी सहित महाप्रबंधक सिविल ए के अरोड़ा, महाप्रबंधक सिविल एसपी सिंह और महाप्रबंधक महाप्रबंधक जल एवं यांत्रिकी आरपी सिंह और सभी वर्क सर्किल के वरिष्ठ प्रबंधक मौजूद रहे।
सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक शौचालयों पर नाराजगी
शहर में सफाई व्यवस्था की बदहाली पर सीईओ ने हेल्थ और प्रोजेक्ट डिपार्टमेंट के महाप्रबंधकों को तलब किया और कड़ा स्पष्टीकरण मांगा। सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने 15 अक्टूबर तक सभी शौचालयों को पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, संबंधित वर्क सर्किल के प्रबंधकों और वरिष्ठ प्रबंधकों को इन शौचालयों के ठीक होने का प्रमाण पत्र भी प्राधिकरण को उपलब्ध कराना होगा।
मुख्य मार्गों पर समय से कूड़ा न उठाने और जगह-जगह कचरा पॉइंट (गार्बेज पॉइंट) बनने के कारण, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली एजेंसी ‘मैसर्स एजी इन्वायरो’ पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
टूटी सड़कों के सुधार के लिए 20 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम
शहर की टूटी सड़कों को लेकर महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा और महाप्रबंधक (सिविल) एस.पी. सिंह और उनके वरिष्ठ प्रबंधको के कार्यों पर असंतोष व्यक्त करते हुए सीईओ ने निर्देश दिया कि प्रत्येक वर्क सर्किल के अंतर्गत सभी सड़कों की मरम्मत और रिसरफेसिंग का कार्य 20 अक्टूबर तक हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए। इसके बाद यदि कोई सड़क कार्य लंबित पाया जाता है, तो संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, सेक्टर-71 अंडरपास से हिंडन पुल तक के एम.पी.-3 (MP-3) मार्ग और सेक्टर-138 के पास सलारपुर गांव के पीछे एक्वा लाइन मेट्रो कॉरिडोर के नीचे पुस्ता मार्ग की बदहाली पर संज्ञान लेते हुए इन्हें उच्च प्राथमिकता पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध वेंडर्स और अनधिकृत निर्माण पर सख्त एक्शन
MP-3 मार्ग सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में अनाधिकृत वेंडर्स की समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीईओ ने सभी वर्क सर्किलों को एक महीने के भीतर अवैध वेंडिंग जोन को चिन्हित कर अवैध वेंडर्स को हटाने के निर्देश दिए हैं। एक महीने की अवधि के बाद यदि किसी क्षेत्र में अवैध वेंडर्स पाए जाते हैं, तो संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सेक्टर-138/140 में हो रहे अवैध निर्माण का मामला संज्ञान में आने पर सीईओ ने इसे तत्काल प्रभाव से रुकवाने के निर्देश दिए। साथ ही, इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार संबंधित अवर अभियंता (Junior Engineer) और सुपरवाइजर को तुरंत हटाने के भी आदेश जारी किए गए हैं।
नोएडा प्राधिकरण के इस कड़े रुख से अधिकारियों में हड़कंप मच गया है, और उम्मीद जताई जा रही है कि तय डेडलाइन के भीतर शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार देखने को मिलेगा।




