आशु भटनागर। डीएससी (दादरी-सूरजपुर-छलेरा) रोड पर तिलपता चौक से कंटेनर डिपो तक बनने वाले लगभग चार किलोमीटर लंबे प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की योजना में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना की फिजिबिलिटी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सेतु निगम से छीन ली है। अब यह काम देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान IIT रुड़की को सौंपा गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने सेतु निगम को पूर्व में दिए गए 35 लाख रुपये भी वापस करने की मांग की है।
निर्माण कार्य की शर्त पर फंसा पेंच
प्राधिकरण ने शुरुआत में इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने का जिम्मा उत्तर प्रदेश सेतु निगम को दिया था और इसके लिए 35 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया था। लेकिन पेंच तब फंसा जब सेतु निगम डीपीआर बनाने के साथ-साथ इस एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य का ठेका भी खुद ही हासिल करने पर अड़ गया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इसके लिए तैयार नहीं था। निर्माण कार्य को लेकर दोनों के बीच बात नहीं बनी और गतिरोध बढ़ता गया। आखिरकार प्राधिकरण ने सेतु निगम से हाथ खींचते हुए अनुबंध रद्द कर दिया और दिया गया एडवांस बजट वापस मांग लिया।
“सेतु निगम के साथ एलिवेटेड रोड के डीपीआर और फिजिबिलिटी रिपोर्ट को लेकर गतिरोध पैदा हो गया था। इस वजह से अब प्राधिकरण ने यह काम IIT रुड़की से कराने का फैसला किया है। पूर्व में किया गया भुगतान भी सेतु निगम से वापस मांगा गया है।”
— एके सिंह, जीएम (प्रोजेक्ट), ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
जाम से मिलेगी राहत, माल ढुलाई होगी आसान
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के बन जाने से क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है। प्राधिकरण की योजना के अनुसार तिलपता और कंटेनर डिपो से आगे दादरी की ओर जाने वाले वाहन एलिवेटेड रोड से फर्राटा भर सकेंगे। नीचे की सड़क का इस्तेमाल स्थानीय ट्रैफिक के लिए किया जाएगा, जिससे रोजाना होने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।साथ ही कंटेनरों की निर्बाध आवाजाही से औद्योगिक माल ढुलाई में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय उद्योगों को बड़ा लाभ होगा।
अब IIT रुड़की द्वारा नई फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर तैयार किए जाने के बाद इस परियोजना के निर्माण की आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।




