आशु भटनागर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर गौतम बुद्ध नगर जिले की राजनीतिक जमीन पर कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। अब तक विपक्षी खेमे में रहकर पृष्ठभूमि तैयार कर रही कांग्रेस ने आगामी चुनावों में ‘फ्रंट सीट’ पर आने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। इसी कड़ी में 07 अक्टूबर 2026 को जेवर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाली ‘प्रांतीय किसान पदयात्रा’ को पार्टी के शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक दावेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी, गौतम बुद्ध नगर द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में दादरी में ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और जेवर की किसान पदयात्रा का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया गया। यात्रा संयोजक अजय छोंकर ने दावा किया कि यह पदयात्रा राजनीतिक समीकरणों को साधने में मील का पत्थर साबित होगी।
योजना के अनुसार, यह किसान यात्रा करीब 250 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और 800 मोटरसाइकिलों के एक बड़े काफिले के साथ जहांगीरपुर क्षेत्र से आरंभ होगी। यह काफिला मोहबलीपुर, थोरा, मॉडलपुर, किशोरपुर, बनवारीवास और नीमका जैसे प्रमुख गांवों से होते हुए जेवर नगर में संपन्न होगा। इस महाअभियान को धार देने के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी तय मानी जा रही है, जिसमें नवनियुक्त उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम विशेष रूप से शामिल होंगे।
एनसीआर खबर को मिली जानकारी के अनुसार कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ संभावित गठबंधन के तहत कांग्रेस जिन 150 सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत कर रही है, उनमें गौतम बुद्ध नगर जिले की तीनों विधानसभा सीटें और गाजियाबाद की दो सीटें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
चर्चा तो ये भी है कि जेवर में यह किसान पदयात्रा केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक दांव है। वर्ष 2011 के चर्चित ‘भट्ठा पारसौल किसान आंदोलन’ की यादों को ताजा करते हुए, कांग्रेस उसी धरा पर अपनी सियासी जमीन पुनः मजबूत करना चाहती है। उस समय राहुल गांधी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुर्खियों में आए और बाद में भाजपा के टिकट पर विधायक बने धीरेंद्र सिंह को जेवर की इस पदयात्रा के जरिए कड़ी चुनौती मिलने के पूरे आसार हैं। क्षेत्र में उनके विरुद्ध दिखाई दे रही 10 वर्षो की एंटीइनकम्बेंसी का फायदा कांग्रेस उठा सकती है।
प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि गौतम बुद्ध नगर का किसान लंबे समय से भूमि अधिग्रहण, उचित मुआवजे, आबादी निस्तारण, स्थानीय युवाओं के रोजगार और प्राधिकरणों से जुड़ी जटिल समस्याओं को लेकर प्रताड़ित रहा है। कांग्रेस पार्टी का यह मानना है कि किसानों के इन सुलगते मुद्दों को सत्तापक्ष ने नजरअंदाज किया है, और पार्टी इन्हीं मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाकर खुद को किसानों की असली हितैषी के रूप में स्थापित करेगी।
साथ ही लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के अंतर्गत 06 अक्टूबर 2026 को दादरी नगर में ‘वोट बचाओ–लोकतंत्र बचाओ मार्च’ भी निकाला जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं आम नागरिक भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मार्च के माध्यम से सरकार को स्पष्ट और मजबूत संदेश देगी कि वोट की पवित्रता, संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की बुनियाद हैं।
प्रेस वार्ता में जिला उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा, मीडिया पैनलिस्ट दुष्यंत नागर, किसान यात्रा संयोजक अजय छोंकर, सेवादल चेयरमैन सतीश शर्मा, सैनिक प्रकोष्ठ चेयरमैन महाराज सिंह, जिला उपाध्यक्ष निशा शर्मा, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ चेयरमैन अरुण भाटी, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ चेयरमैन धर्म सिंह जीनवाल, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष श्रुति कुमारी और जिला कार्यालय प्रभारी सचिव सुबोध भट्ट सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे।
ऐसे में जिले में 7 अक्टूबर को होने वाली यह पदयात्रा तय करेगी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों में कांग्रेस कितनी प्रभावी वापसी कर पाती है और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी इस आक्रामक घेराबंदी का क्या राजनीतिक तोड़ निकालती है।



