उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में अखिलेश का सरेंडर! सपा के तीसरे उम्मीदवार को न उतारने के फैसले से भाजपा की 8 सीटों पर निर्विरोध जीत का रास्ता साफ

आशु भटनागर
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आशु भटनागर। उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव 2026 की राजनीतिक हलचल के बीच समाजवादी पार्टी (SP) द्वारा तीसरा उम्मीदवार न उतारने के निर्णय ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इस फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 10 में से 8 सीटों पर निर्विरोध जीतने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

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समाजवादी पार्टी ने इस बार केवल दो उम्मीदवारों—प्रो. राम गोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी—को मैदान में उतारा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल की कमी और क्रॉस-वोटिंग के संभावित खतरे को देखते हुए यह रक्षात्मक कदम उठाया गया है। सपा का यह निर्णय पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह बहस का विषय बन गया है, विशेषकर तब जब तीसरे उम्मीदवार के लिए केवल कुछ ही अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता थी।

वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने अपनी रणनीति के तहत 10 में से 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। सपा द्वारा तीसरा प्रत्याशी न उतारे जाने के कारण अब भाजपा की इन सभी 8 सीटों पर निर्विरोध जीत लगभग तय मानी जा रही है। शेष बची 2 सीटें समाजवादी पार्टी के खाते में जाने की उम्मीद है।

सपा के इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में विभिन्न प्रकार के कयास लगाए जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि पार्टी का यह फैसला पूरी तरह से संख्या गणित और संभावित जोखिमों से बचने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, आलोचकों का तर्क है कि थोड़े से अतिरिक्त प्रयासों से मुकाबले को और रोचक बनाया जा सकता था, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने सुरक्षित रास्ता चुनना बेहतर समझा।

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इस घटनाक्रम को आगामी विधानसभा चुनावों के परिप्रेक्ष्य में भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एक उधोगपति का साथ पाते ही अखिलेश यादव ने कोई समझोता किया है। राज्यसभा में हुए इस सरेंडर का आने वाले विधान सभा चुनाव पर गंभीर असर पड़ेगा I इस सरेंडर का मतलब स्पस्ट है कि अखिलेश विधान सभा चुनावों को लेकर संशय में है I कांग्रेस की 150-200 तक बढ़ती मांग उन्हें चुनाव में असहज कर रही है I अखिलेश को समझ ये भी आ रहा है कि कांग्रेस यूपी में भी बंगाल की तरह अकेले लड़ कर आत्महत्या का अटेम्प्ट कर सकती है जिसमे सबसे अधिक नुक्सान समाजवादी पार्टी को होना है I अखिलेश का ये डर आने वाले विधान सभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की स्थिति और आक्रमकता दोनों ही कमज़ोर करने जा रही है I फिलहाल यही कहा जा सकता है कि अखिलेश जी इस सरेंडर से 403 की लड़ाई आपने थोड़ी मुश्किल बना दी।

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आशु भटनागर बीते 15 वर्षो से राजनतिक विश्लेषक के तोर पर सक्रिय हैं साथ ही दिल्ली एनसीआर की स्थानीय राजनीति को कवर करते रहे है I वर्तमान मे एनसीआर खबर के संपादक है I उनको आप एनसीआर खबर के prime time पर भी चर्चा मे सुन सकते है I Twitter : https://twitter.com/ashubhatnaagar हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I एनसीआर खबर पर समाचार और विज्ञापन के लिए हमे संपर्क करे । हमारे लेख/समाचार ऐसे ही सीधे आपके व्हाट्सएप पर प्राप्त करने के लिए वार्षिक मूल्य(रु999) हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : ashu.319@oksbi के जरिये देकर उसकी डिटेल हमे व्हाट्सएप अवश्य करे