नई दिल्ली: रियल एस्टेट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘रहेजा डेवलपर्स’ (Raheja Developers) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी ने दिल्ली-एनसीआर में कंपनी से जुड़े 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने बड़े पैमाने पर होमबायर्स के साथ वित्तीय अनियमितताएं की हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, यह मामला करीब 4,500 होमबायर्स के साथ हुई कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि रहेजा डेवलपर्स ने इन खरीदारों से घर देने के नाम पर लगभग 2,500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि वसूली थी। आरोप है कि पैसे लेने के बाद भी कंपनी ने वर्षों बीत जाने के बावजूद खरीदारों को घर का कब्जा नहीं दिया, जिससे नाराज खरीदारों ने कंपनी के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं।
किन ठिकानों पर हुई छापेमारी?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ईडी की दिल्ली ज़ोन की टीम ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली के सैनिक फॉर्म और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी सहित कुल 7 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया है। यह कार्रवाई कंपनी, उसके प्रमोटरों और उससे जुड़ी अन्य इकाइयों के परिसरों पर की गई है।
प्रमुख लोगों पर जांच की आंच
इस सर्च ऑपरेशन में रहेजा डेवलपर्स के शीर्ष प्रबंधन को घेरे में लिया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी के चेयरमैन नवीन रहेजा, उनके बेटे नयन रहेजा के अलावा नवीन रहेजा की बहू, बेटी और कंपनी के अन्य निदेशकों के ठिकानों की भी तलाशी ली जा रही है।
ईडी के अधिकारियों का कहना है कि यह छापेमारी कंपनी के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है। टीम का मुख्य उद्देश्य मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस (डिजिटल डेटा) को जब्त करना है ताकि मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के आरोपों की पुष्टि की जा सके।
वर्तमान में चल रही इस कार्रवाई के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, रहेजा डेवलपर्स की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसी इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को और तेज कर सकती है।


