लखनऊ/नोएडा: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार श्रमिकों के कल्याण और उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। श्रम विभाग द्वारा आगामी शुक्रवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे।
वरिष्ठ मंत्रियों की गरिमामयी उपस्थिति समारोह में प्रदेश के राजनीतिक नेतृत्व की व्यापक भागीदारी देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इनके साथ ही औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान और राज्य मंत्री (संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास) जसवंत सिंह सैनी भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। एनसीआर खबर इस कार्यक्रम का अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सीधा प्रसारित करेगा।
- डिजिटल लेबर चौक ऐप से लेकर 300 बेड के ईएसआईसी अस्पताल तक, श्रमिकों को देंगे कई बड़ी सौगातें
- नोएडा-ग्रेटर नोएडा में हॉस्टल, डिस्पेंसरी और औद्योगिक सुविधाओं का होगा विस्तार
- छात्रों को टैबलेट, श्रमिकों को टूलकिट और प्रमाणपत्र वितरण के साथ ही कौशल विकास व स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा सीएसआर के जरिए बल
डिजिटल पहल और बुनियादी ढांचे का विस्तार
श्रम विभाग इस कार्यक्रम के माध्यम से तकनीक और सेवा को जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत करेगा। इनमें ‘डिजिटल लेबर चौक’ ऐप का शुभारंभ प्रमुख है, जो श्रमिकों को रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ने का कार्य करेगा। इसके अतिरिक्त, बीओसीडब्ल्यू (BOCW) बोर्ड की नई और उन्नत वेबसाइट का लोकार्पण भी किया जाएगा।
आधारभूत संरचना के क्षेत्र में बलरामपुर, झांसी और गोंडा में नए श्रमिक केंद्रों की स्थापना की जाएगी। वहीं, औद्योगिक हब नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ईएसआईसी (ESIC) डिस्पेंसरी और श्रमिक छात्रावासों की आधारशिला रखी जाएगी, जिससे वहां कार्यरत हजारों श्रमिकों को स्वास्थ्य और आवास की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
श्रमिकों के लिए आवासीय और कौशल विकास योजनाएं औद्योगिक विकास को गति देने और श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। इसके तहत श्रमिकों के लिए 40 वर्गमीटर के 2000 आवासीय प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्रों में 5 एकड़ भूमि पर विशेष श्रमिक हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
कौशल विकास के क्षेत्र में टाटा समूह के साथ सीएसआर (CSR) सहयोग के माध्यम से एक ‘स्किल डेवलपमेंट सेल’ की स्थापना की जाएगी। यह पहल श्रमिकों को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस कर उन्हें वैश्विक बाजार के अनुरूप तैयार करेगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान
ग्रेटर नोएडा में श्रमिक कल्याण के लिए बड़े निवेश की घोषणा की गई है। यहां 7.2 एकड़ भूमि पर 300 बेड का एक अत्याधुनिक ईएसआईसी अस्पताल और 500 बेड का ‘कार्यशील महिला छात्रावास’ प्रस्तावित है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सीएसआर फंड से 2 करोड़ रुपये की लागत से चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए, अटल आवासीय योजना के तहत मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, श्रमिक परिवारों के मेधावी छात्रों को टैबलेट वितरित किए जाएंगे ताकि वे डिजिटल शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम समारोह के समापन चरण में मुख्यमंत्री द्वारा श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूलकिट वितरित किए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य श्रमिकों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें ‘आत्मनिर्भर’ बनाना है।
राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ न केवल श्रमिकों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक सुव्यवस्थित प्रयास है।


