गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ब्राह्मण समाज के प्रति कथित तौर पर अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप में उनके खिलाफ गाजियाबाद के कविनगर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
बीजेपी नेता ने दर्ज कराई शिकायत
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष और सदस्यता अभियान के प्रदेश संयोजक डॉ. अजय शर्मा ने यह मामला दर्ज कराया है। अपनी शिकायत में डॉ. शर्मा ने आरोप लगाया कि राजकुमार भाटी ने एक सार्वजनिक मंच से जाति और धर्म विशेष (ब्राह्मण समाज) के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि सपा प्रवक्ता के इस कृत्य से समाज की भावनाएं अत्यधिक आहत हुई हैं और लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
वायरल वीडियो बना आधार
एसीपी कविनगर, सूर्यबली मौर्य ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर राजकुमार भाटी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस को शिकायत प्राप्त हुई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) (विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
एसीपी ने आगे कहा, “वायरल वीडियो की गहनता से जांच की जा रही है। साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

सपा जिलाध्यक्ष की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेतृत्व ने फिलहाल दूरी बनाई हुई है। सपा के जिलाध्यक्ष फैसल हुसैन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विवादित वीडियो अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने इसे पार्टी हाईकमान के स्तर का मामला बताते हुए अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
समाज में आक्रोश
वीडियो के वायरल होने के बाद से ही स्थानीय ब्राह्मण समाज में नाराजगी देखी जा रही है। शिकायतकर्ता डॉ. अजय शर्मा ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में कोई भी सार्वजनिक मंच से किसी समाज की गरिमा को ठेस न पहुंचा सके।
कांग्रेस के उत्तरप्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी सोशल मीडिया पर लिखा है कि समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज के लिए इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा घोर निंदनीय है। राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी पूरे समाज को अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है। अखिलेश यादव जी, केवल माफी से काम नहीं चलेगा, ऐसे बड़बोले नेताओं पर तत्काल कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
भाजपा के मुखार्विरोध कर रहे पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने भी लिखा कि मैं राजकुमार भाटी का ही पोस्ट किया पूरा वीडियो डालकर लिख रहा हूँ, कि उनकी अति बौद्धिकता की क़ीमत उनकी पार्टी को चुकानी पड़ सकती है!! ब्राह्मण की तुलना वेश्या से वाला कथित मुहावरा उन्हें पढ़ने की ज़रूरत इसलिए भी नहीं थी, क्योंकि लोकोक्ति और लोकाचार में अलग अलग जातियों को लेकर इससे भी निकृष्ट और निम्नतम बातें प्रचलित हैं। वहीं दूसरी ओर जाति भेद मिटाने को लेकर एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट और महान बातें कबीर से लेकर लोहिया ने लिखी हैं। चयन आपको करना है कि आप लोकाचार में प्रचलित कीचड़ का उदाहरण देंगे,
पत्रकार आवेश तिवारी ने लिखा कि सपा के प्रवक्ता राजकुमार भाटी कह रहे हैं “ब्राह्मण भला ना वेश्या, इनमें भला ना कोई। कोई-कोई वेश्या तो भली, ब्राह्मण भला ना कोई।” आपको शर्म आनी चाहिए राजकुमार भाटी जी, मैं तो आपको समझदार आदमी समझता था। यह तो मोदी जी वाली बात कर दिए आप। कपड़ों से, जाति से पहचान वाली। घोर जातिवादी निकले आप। अखिलेश यादव ब्राह्मण मतदाताओं का वोट लेने की कोशिश कर रहे हैं आप उस पर पानी फेर रहे हैं। अब वही ब्राह्मण दूसरी पार्टियों को वोट दे देगा तब आप ठहाके लगाइएगा।


