मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शनिवार को सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण के भव्य मुख्य प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया गया, जिसे शहर के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। हालांकि, इस नए अध्याय की शुरुआत जनता के लिए तात्कालिक रूप से सुविधाजनक नहीं रही, क्योंकि सोमवार से शुरू हुई अधिकारियों की शिफ्टिंग प्रक्रिया ने नागरिकों को अपेक्षित सेवाओं से वंचित कर दिया, जिससे वे पुराने कार्यालय में भटकते नजर आए।
मुख्यमंत्री द्वारा एक नए, अत्याधुनिक भवन के उद्घाटन के बाद सोमवार को जब नए भवन में अधिकारियों के दफ्तर सेक्टर-6 स्थित पुराने कार्यालय से शिफ्ट होना शुरू हुए, तो प्रशासनिक अव्यवस्था का एक नया दौर शुरू हो गया। सोमवार को प्राधिकरण के प्रमुख अधिकारियों जैसे एसीईओ सतीश पाल, ओएसडी क्रांति शेखर सिंह और जीएम ए.के. अरोड़ा व एस.पी. सिंह के दफ्तरों से फाइलें और संबंधित सामग्री नए प्रशासनिक भवन में ले जाई गईं। यह फेरबदल इस सप्ताह के शुरुआती दिनों से ही प्रभावी हो गया है, जिससे पुराने कार्यालय में इन अधिकारियों की अनुपस्थिति स्वाभाविक है।
इस कदम का सीधा और नकारात्मक खामियाजा उन आम नागरिकों को भुगतना पड़ा, जो अपनी शिकायतें और समस्याओं को लेकर सोमवार को सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण दफ्तर पहुंचे। उन्हें बताया गया कि संबंधित अधिकारी अब वहां नहीं बैठ रहे हैं, लेकिन यह जानकारी नहीं दी गई कि वे नए स्थान पर कब और कैसे मिलेंगे। नतीजतन, दूर-दराज से आए लोग पूरे दिन भटकते रहे और मंगलवार को भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। यह स्थिति स्पष्ट रूप से प्रशासनिक नियोजन और संचार की कमी को दर्शाती है, खासकर जब नए भवन के उद्घाटन को इतनी धूमधाम से प्रचारित किया गया था।
आम जनता का आरोप है कि प्राधिकरण को इस शिफ्टिंग के लिए या तो एक स्पष्ट समय-सीमा जारी करनी चाहिए थी, या फिर स्थानांतरण का कार्य शनिवार और रविवार जैसे सार्वजनिक अवकाश के दिनों में पूरा करना चाहिए था। ऐसा करने से सोमवार को लोग सीधे सेक्टर-96 स्थित नए कार्यालय में पहुंच सकते थे और उन्हें वर्तमान में हो रही असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता। इस अपर्याप्त संचार और अव्यवस्थित संक्रमण से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, खासकर एक ऐसे प्राधिकरण से जो शहरी नियोजन और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है।

इस पूरे प्रकरण पर, ओएसडी क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि लक्ष्य यह है कि जुलाई माह तक सभी अधिकारी पूरी तरह से प्रशासनिक भवन से कामकाज शुरू कर दें। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि कामकाज में कोई बाधा न आए और जल्द ही सभी व्यवस्थाएं सुचारु हो जाएं। जनता को हुई असुविधा के लिए हम खेद व्यक्त करते हैं।”



