लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार देर रात पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 14 वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल के तहत लखनऊ और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण जनपदों के पुलिस आयुक्त (पुलिस कमिश्नर) बदल दिए गए हैं। शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है तो कुछ को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
लखनऊ और प्रयागराज में नई तैनाती
2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, 1998 बैच के आईपीएस पीयूष मोर्डिया को प्रयागराज का नया पुलिस आयुक्त बनाया गया है। इन दोनों महत्वपूर्ण शहरों में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह बदलाव देखे जा रहे हैं।
महानिदेशक (DG) स्तर पर बदलाव शासन ने वरिष्ठता का ध्यान रखते हुए डीजी स्तर पर भी महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं:
मुथा अशोक जैन (1995 बैच): इन्हें डीजी, अग्निशमन एवं आपात सेवाएं, मुख्यालय लखनऊ के पद पर तैनात किया गया है।
अमरेन्द्र के. सेंगर: इन्हें डीजी अभिसूचना (Intelligence) बनाया गया है। साथ ही उन्हें सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
एडीजी (ADG) स्तर पर फेरबदल
राम कुमार (1995 बैच): एडीजी, गोरखपुर जोन, गोरखपुर।
नवीन अरोरा (1997 बैच): एडीजी, वाराणसी जोन, वाराणसी।
भगवान एस. श्रीवास्तव (1998 बैच): एडीजी, तकनीकी सेवाएं, उत्तर प्रदेश।
डॉ. संजीव गुप्ता (1999 बैच): इन्हें अपर पुलिस महानिदेशक, लॉजिस्टिक्स का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

आईजी (IG) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियां
धर्मवीर (2002 बैच): आईजी, पीएसी पूर्वी जोन, प्रयागराज।
मोहित गुप्ता (2006 बैच): आईजी, भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO), लखनऊ।
विनोद कुमार सिंह (2007 बैच): आईजी, विशेष जांच (Special Investigation), लखनऊ।
जोगेन्द्र कुमार (2007 बैच): आईजी, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (PTS), मुरादाबाद।
आनन्द सुरेशराव कुलकर्णी (2008 बैच): इन्हें सचिव (गृह), उत्तर प्रदेश शासन के पद पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
एसपी (SP) स्तर पर स्थानांतरण
अनूप कुमार सिंह (2014 बैच): अधीक्षक, आर्थिक अपराध शाखा (EOW), लखनऊ।
आनन्द कुमार (2015 बैच): पुलिस अधीक्षक, लोक शिकायत मुख्यालय, लखनऊ।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह तबादले रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाना और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाना है। सरकार ने इस फेरबदल में अनुभव और क्षेत्रीय समीकरणों का संतुलन बनाने का प्रयास किया है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपना नया कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।



