कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली मसाले बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। ‘पीतांबरा इंटरप्राइजेज’ नाम से चलाई जा रही इस मसाला फैक्टरी में चावल के टुकड़ों में खतरनाक केमिकल रंग मिलाकर नकली हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पूरी फैक्टरी से असली हल्दी का एक टुकड़ा भी बरामद नहीं हुआ।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
खाद्य विभाग को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिलावटी और नकली मसाले तैयार कर बाजार में खपाए जा रहे हैं। इस जानकारी के आधार पर खाद्य अधिकारियों की टीम ने ‘पीतांबरा इंटरप्राइजेज’ पर औचक छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान मौके से 77 बोरी चावल के टुकड़े, 42 बोरी तैयार नकली हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और भारी मात्रा में लिक्विड कलर बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए माल की कुल कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है।
ऐसे तैयार की जा रही थी नकली हल्दी
जांच में सामने आया कि फैक्टरी में सस्ते चावल के टुकड़ों (कनकी) को पीसा जाता था। इसके बाद उसमें हल्दी जैसा रंग देने के लिए लिक्विड केमिकल कलर मिलाया जाता था। इस मिश्रण को इतनी सफाई से तैयार किया जाता था कि देखने में यह बिल्कुल असली हल्दी पाउडर जैसा लगता था। इसके बाद इसे आकर्षक पैकेजिंग में भरकर बाजार में सप्लाई किया जाता था।

नमूने लैब भेजे गए, कानूनी कार्रवाई की तैयारी
खाद्य विभाग की टीम ने मौके से मिले हल्दी, मिर्च, धनिया पाउडर और लिक्विड कलर के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद फैक्टरी मालिक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि यह नकली हल्दी किन-किन बाजारों और दुकानों में सप्लाई की जा चुकी है, ताकि उसे समय रहते जब्त किया जा सके।



