नोएडा: नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन के सभागार में आज प्राधिकरण की 223वीं महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक संपन्न हुई। उत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त तथा नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं।
टाटा प्रोजेक्ट्स के स्मार्ट एलईडी प्रोजेक्ट को विस्तार
बैठक में सबसे अहम निर्णय टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा साल 2022 से चलाए जा रहे स्मार्ट एलईडी स्ट्रीट लाइट के कार्य के समय विस्तार को लेकर लिया गया। बोर्ड ने इस प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है।
इसके तहत अब निम्नलिखित कार्य आगामी 30 महीनों में पूरे किए जाएंगे:
टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा नोएडा क्षेत्र में लगाई गई 76,366 एलईडी स्ट्रीट लाइट्स और प्राधिकरण की शेष लाइटों का संचालन स्मार्ट कंट्रोल पैनल के माध्यम से किया जाएगा।
‘लक्स लेवल एनहैंसमेंट’ के तहत एक्सप्रेसवे पर 1200 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।
एक्सप्रेसवे को पूरी तरह सौर ऊर्जा (सोलर पावर) से जगमग किया जाएगा, जिसके लिए 2.4 मेगावाट का बीईएसएस (BESS) सिस्टम स्थापित होगा।
पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 5 ईवी (इलेक्ट्रिक) बसें और 10 चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे।

पर्यावरण और सुरक्षा को प्राथमिकता
स्थानीय नागरिकों और पर्यावरणविदों के लिए राहत की खबर यह है कि सेक्टर-145 में कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। सेक्टर-145 में सूखे और आरडीएफ (RDF) कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए 100 टीपीडी (टन प्रति दिन) क्षमता का पायरोलिसिस-आधारित इंटीग्रेटेड वेस्ट-टू-एनेर्जी एंड रिसोर्स रिकवरी प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस प्लांट के लिए डेवलपर का चयन ईओआई/आरएफपी (EOI/RFP) के माध्यम से किया जाएगा।
इसके साथ ही, नोएडा के बढ़ते शहरी विस्तार और सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सेक्टर-153 में गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के लिए लगभग 13,347.18 वर्ग मीटर भूमि आवंटित करने का भी निर्णय लिया गया है। नए और उभरते सेक्टरों के पास पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के आने से न सिर्फ प्रशासनिक कसावट आएगी, बल्कि स्थानीय निवासियों और उद्योग जगत में सुरक्षा का दायरा भी और अधिक मजबूत होगा।
कुल मिलाकर, नोएडा प्राधिकरण की यह बोर्ड बैठक शहर को एक ‘स्मार्ट, हरित और सुरक्षित’ शहर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक और व्यावहारिक प्रयास प्रतीत होती है, बशर्ते इन घोषणाओं को तय समयसीमा के भीतर धरातल पर उतारा जा सके।







