ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (GNIDA) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले के गांव भनौता में अवैध निर्माण को रोकने हेतु लगभग 20,000 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण‑मुक्त घोषित किया। अधिकारियों का अनुमान है कि इस भू‑खण्ड की बाजार कीमत लगभग ₹40 करोड़ (चार करोड़) होगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि कालोनाइजर गांव भनौता के खसरा संख्या 282 और 283 की जमीन पर अवैध निर्माण कर कॉलोनी बसाने की फिराक में थे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने इस अवैधता पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया।
परियोजना विभाग के उप‑महाप्रबंधक विजय कुमार रावल के नेतृत्व में वर्क सर्कल‑2 के मैनेजर रोहित गुप्ता और सुरक्षा बलों की टीम ने बुलडोजर से अवैध ढांचे को ध्वस्त कर दिया और जमीन को प्राधिकरण के आधिकारिक कब्जे में ले लिया गया।
भनौता के अलावा, पिछले कुछ दिनों में GNA ने बिसरख के “डूब” क्षेत्र में भी कार्रवाई की। खसरा क्रमांक 135 और 153 पर स्थित 5,000 वर्ग मीटर की जमीन को भी अतिक्रमण‑मुक्त किया गया। इस बार कार्यवाही वर्क सर्कल‑3 के प्रभारी प्रभात शंकर के नेतृत्व में संपन्न हुई।
प्राधिकरण का संदेश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा, “अधिसूचित एरिया में कहीं भी अवैध निर्माण पर पूर्ण रोक है। खरीदारों को जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके। हम निवासियों और डिफ़ॉल्टर्स से अपील करते हैं कि वे ऐसे ‘ग़ैर‑कानूनी कॉलोनी’ में निवेश से दूर रहें।”
प्राधिकरण ने बताया कि भविष्य में भी अधिसूचित क्षेत्रों में अनधिकृत प्लॉटिंग को रोकने हेतु नियमित निगरानी, सूचनात्मक अभियान और सख्त दंड व्यवस्था लागू की जाएगी। स्थानीय नागरिकों को अपील की गई है कि वे किसी भी असामाजिक या अनधिकृत निर्माण को तुरंत प्राधिकरण को सूचित करें।
इस कार्रवाई के बाद, ग्रेटर नोएडा में भूमि‑संबंधी विवादों को कम करने और शहरी नियोजन को सुव्यवस्थित करने के लिये एक ठोस कदम माना जा रहा है।




