शनिवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदबेन ओर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की उपस्थिति में जिस तरीके से भव्य कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्र के सबसे बड़े एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया, उसकी चर्चा चहुओर है। जिसके बाद आज अखिएश यादव (Akhilesh Yadav) नोएडा के पास दादरी में अपनी चुनावी रैली का श्री गणेश करने आ रहे कार्यक्रम की चर्चा कहीं खो गई है । एयरपोर्ट उद्घाटन के बेहद भव्य कार्यक्रम के बाद यह कार्यक्रम अब ऊंट के मुंह में जीरा जैसा दिखाई दे रहा है। ऐसे में रैली को चर्चा में लाने के लिए चुनावी रैली से पहले इसके संयोजक राजकुमार भाटी का भाजपा की दादरी अध्यक्ष गीता पंडित को उनके पति की हत्या याद दिलाते हुए धमकी देने का वीडियो वायरल हो रहा है । वीडियो में राजकुमार भाटी किसी सामंतवादी दबंग की भांति धमकाने के अंदाज में कहते दिखाई दे रहे हैं कि वह एक इशारा कर देंगे तो दादरी में निकलना बंद हो जाएगा। वह उनके परिवार के ही किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कुछ लिखे जाने के विरोध में कठोर शब्दों में चेता रहे हैं कि कैसे कोई हमारे खिलाफ दादरी में कुछ लिख सकता है हमारे खिलाफ!
कुछ लोग इसे दबंगई बता रहे है तो कुछ इसके जरिए रैली को चर्चा में लाने का माध्यम, भाटी के समर्थक इसका जश्न मना रहे है तो विरोधी इसे सुनकर दादरी के पुराने आपराधिक दौर को याद कर सिहर रहे है । वो गीता पंडित के पति की हत्या और उसके बाद हफ्तों बंद रहे बाजार को याद कर रहे है ।
दादरी की राजनीति में इसे समाजवादी पार्टी का वही महिला विरोधी, सवर्ण, ब्राह्मण विरोधी वक्तव्य माना जा रहा है जिसके लिए पार्टी कुख्यात है । बताया जा रहा है कि इस वीडियो के विरोध स्वरूप दादरी अध्यक्ष गीता पंडित ने भी राजकुमार भाटी को आरोपो को सिद्ध करने की चुनौती दी है।
वाद विवाद से इतर वायरल वीडियो को अगर आप देखे तो इसके बाद बीते 4 वर्षों में राजकुमार भाटी ने जो भद्र पुरुष की एक इमेज बनाई थी वह जरूर तार तार हो रही है । संभवत यह दादरी से अपनी ही जाति विशेष समूह द्वारा ना मिले समर्थन के कारण तीन बार मिली राजनैतिक हार के बाद से उपजा आक्रोश भी हो सकता है। तो कुछ लोगों का दावा है कि जाति विशेष की रैली में अपनी ही जाति का समर्थन के मुकाबले एयरपोर्ट के उद्घाटन में उनके समुदाय के जाने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है। चर्चा है कि भाजपा के एयरपोर्ट मास्टर स्ट्रोक के कारण रैली की चर्चा शून्य होने की हताशा भी इस सब का एक कारण है।
दादरी के वरिष्ठ पत्रकार राजेश बैरागी ने लिखा कि राजकुमार भाटी दादरी के पूर्व दबंग विधायक स्व महेंद्र सिंह भाटी के पदचिन्हों पर चलते हैं । तो ऐसे में हो सकता है वह स्वयं वैसे ही दबंग विधायक बनना चाहते होंगे या फिर वैसी ही राजनीति के पक्षधर होंगे।
किंतु उत्तर प्रदेश में बीते 10 वर्षों में दबंग और आपराधिक राजनीति का माहौल बदल चुका है और राजकुमार भाटी अपनी ही पार्टी के कई दबंग नेताओं को जनता द्वारा ठुकराए जाने का हश्र देख चुके होंगे। फिर भी अगर वह उसी राह पर आगे बढ़ रहे हैं तो निश्चित तौर पर उनका राजनीतिक भविष्य उज्जवल तो नहीं कहा जाएगा ।
हां यह कहावत जरूर याद आती रहेगी बोए पेड़ बबूल के तो आम कहां से हो


