उत्तर भारत में अप्रैल की शुरुआती गर्मी ने ही अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। नोएडा में पिछले पाँच दिनों से चल रही ‘हीटवेव’ (लू) ने जनजीवन के साथ-साथ शहर की प्रकृति को भी चुनौती दी है। लेकिन इस झुलसा देने वाली गर्मी के बीच नोएडा से एक राहत भरी और उत्साहजनक तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक ओर बढ़ते तापमान के कारण पौधों के सूखने का खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर नोएडा प्राधिकरण का उद्यान विभाग ‘ऑपरेशन ग्रीन’ के तहत दिन-रात एक कर शहर के ग्रीन स्वरूप को जीवंत रखने में जुटा है।
गर्मी की चुनौती और उद्यान विभाग की तत्परता
एनसीआर खबर की टीम ने शनिवार को नोएडा के विभिन्न मार्गों और ग्रीन बेल्ट का जमीनी सर्वेक्षण किया। सर्वे के दौरान ये भी समझ आया कि अप्रैल से जून के बीच पतझड़ और अत्यधिक तापमान के कारण हरियाली को बनाए रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। कई जगहों पर पेड़ों के सूखते पत्ते और धूल भरा वातावरण इस मौसम की कठोरता को बयां करता है, लेकिन विभाग की मुस्तैदी ने इस असर को काफी हद तक नियंत्रित किया है।
इस विषय पर उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन सिंह ने बताया कि नोएडा के मास्टर प्लान में 17 प्रतिशत हरित क्षेत्र निर्धारित है जबकि हालिया आकलन में यह 21 प्रतिशत तक पहुंचने की बात सामने आई है। उन्होंने स्वीकार किया कि, “भीषण हीट वेव के कारण पौधों का झुलसा हुआ दिखना इस मौसम में स्वाभाविक है, लेकिन हमारे कर्मचारी निरंतर सिंचाई और देखरेख के माध्यम से इसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं।” इसके लिए दिन के साथ साथ रातों को भी पानी दिया जा रहा है।


आंकड़ों में हरियाली का सफर: जन आंदोलन बनता अभियान
नोएडा में हरियाली सिर्फ़ कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर भी नजर आती है। पिछले आठ वर्षों के आंकड़े इसकी गवाही देते हैं:
- गौतमबुद्धनगर में बीते 8 वर्षों में 67.48 लाख पौधे लगाए गए। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत पौधे आज भी जीवित और सुरक्षित हैं।
- वर्ष 2022 में 13 लाख और 2023 में 10.81 लाख पौधों का रोपण किया गया।
- चालू वित्तीय वर्ष (2024-25) में भी 3.25 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पर्यावरण संरक्षण का यह सरकारी अभियान अब ‘जन आंदोलन’ का रूप ले चुका है, जिसमें स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
मॉडल सेक्टर के रूप में उभरा सेक्टर-105
एनसीआर खबर के ‘ग्रीन नोएडा अभियान’ के दौरान सेक्टर-105 की तस्वीर सबसे सुखद रही। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले तक जो क्षेत्र उजाड़ जंगल और खाली मैदान दिखता था, वह आज सघन ग्रीन बेल्ट और सुंदर पार्कों की पहचान बन चुका है।
@ChiefSecyUP@CeoNoida
ग्रीन बेल्ट, सड़कों के किनारे और पार्कों में व्यवस्थित वृक्षारोपण , पेड़ों की अच्छी देखभाल ने सेक्टर 105 को हरियाली से भरपूर आदर्श एवं सुंदर आवासीय क्षेत्र बना दिया है।
जिसके लिए मैं डायरेक्टर श्री आनंद मोहन जी का हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त करता हूं! pic.twitter.com/h3YjFO13wL
— दिव्य कृष्णात्रेय ( दीपक शर्मा ) (@brahmdevsamaj) April 25, 2026
क्षेत्र के निवासियों ने उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन सिंह की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके कुशल निर्देशन में सेक्टर-105 एक ‘आदर्श आवासीय क्षेत्र’ के रूप में विकसित हुआ है। यहाँ के पार्क न केवल पर्यावरण को शुद्ध रख रहे हैं, बल्कि इस तपती गर्मी में भी स्थानीय लोगों को सुकून और ठंडी हवा मुहैया करा रहे हैं।
एनसीआर खबर का दृष्टीकोण
इसमें कोई दो राय नहीं है कि कंक्रीट के जंगल बनते जा रहे शहरों के बीच नोएडा ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अप्रैल मई की गर्मी में हरियाली को बचाना एक कठिन परीक्षा है। पतझड़ और झुलसाने वाली धूप के बीच पौधों का पीला पड़ना प्राकृतिक है, लेकिन यदि प्रशासन और जनता मिलकर प्रयास करें, तो ‘ऑपरेशन ग्रीन’ जैसे अभियान शहर के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।
हालांकि, अभी भी कई क्षेत्रों में सुधार की गुंजाइश है। जहाँ-जहाँ सिंचाई की व्यवस्था कमजोर है या ग्रीन बेल्ट में घास कम हो रही है, वहाँ उद्यान विभाग को स्थानीय जनसहयोग से और अधिक प्रभावशाली कदम उठाने होंगे।
आने वाले दिनों में अपडेट
एनसीआर खबर अपना ‘ऑपरेशन ग्रीन’ ऑडिट जारी रखेगा। आने वाले दिनों में हम शहर के अन्य पार्कों और ग्रीन बेल्ट की जमीनी हकीकत आप तक पहुँचाएंगे और यह भी बताएंगे कि नोएडा को ‘स्मार्ट और ग्रीन’ बनाने के लिए विभाग की अगली बड़ी योजना क्या है।


