लखनऊ डेस्क। उत्तर प्रदेश में रविवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर संगठनात्मक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों की मानें तो आगामी चुनावों और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए भाजपा जल्द ही ‘पश्चिम क्षेत्र’ के नए अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है। माना जा रहा है कि आज या कल में इस महत्वपूर्ण पद पर मुहर लग सकती है।
क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कवायद मंत्रिमंडल में पश्चिम यूपी के चेहरों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने के बाद, अब संगठन में भी क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी नेतृत्व ऐसे चेहरे की तलाश में है जो पश्चिम यूपी की जटिल जातीय और राजनीतिक बिसात पर पार्टी को मजबूती प्रदान कर सके। इस रेस में जहां कई नए चेहरों की चर्चा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एवं प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह को नई दिल्ली बुलाकर सूची पर चर्चा करेंगे, जिसके बाद टीम घोषित होगी। मूल कैडर, शिक्षा एवं संगठनात्मक अनुभव को वरीयता दी जाएगी। गैर दलों से आए लोगों को पार्टी महत्वपूर्ण भूमिका देने से बचेगी।
ये नेता हैं रेस में सबसे आगे
भाजपा के पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष पद के लिए जिन प्रमुख नामों पर मंथन चल रहा है, उनमें निम्नलिखित नेता प्रमुख हैं:
चंद्र मोहन
प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्र मोहन जमीनी स्तर के नेता माने जाते हैं। विद्यार्थी परिषद से निकले चंद्र मोहन प्रदेश प्रवक्ता और मंत्री के रूप में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। सहारनपुर नगर निगम जैसे कठिन क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करने का श्रेय उन्हें जाता है। उनकी वाक्पटुता और अनुभव उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है।

नवाब सिंह नागर
दादरी के पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता नवाब सिंह नागर का अनुभव काफी लंबा है। वे प्रदेश सरकार में मंत्री और योगी आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल में गन्ना शोध संस्थान के चेयरमैन (राज्यमंत्री दर्जा) रह चुके हैं। उम्र और अनुभव के मामले में वे अन्य दावेदारों से काफी वरिष्ठ हैं।
विकास अग्रवाल
हापुड़ निवासी विकास अग्रवाल संगठन में गहरी पैठ रखते हैं। संघ शिक्षा वर्ग (तृतीय वर्ष) उत्तीर्ण होने के कारण उनकी विचारधारा और कार्यशैली को संघ के काफी करीब माना जाता है। लोकसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी के बाद अब वे क्षेत्रीय अध्यक्ष की दौड़ में चर्चा में हैं।
हरि ओम शर्मा
मुरादाबाद के रहने वाले हरि ओम शर्मा की छवि एक साफ और कर्मठ कार्यकर्ता की है। वे लंबे समय से संगठन को मजबूती देने के लिए पर्दे के पीछे रहकर काम कर रहे हैं।
सूची में शामिल अन्य नाम
दावेदारों की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती। चर्चाओं के बाजार में बसंत त्यागी, अश्विनी त्यागी, मुकेश सिंघल, हरीश ठाकुर, आशु वर्मा, मान सिंह वर्मा, अशोक मोगा और हरवीर मलिक जैसे नाम भी तेजी से उभर रहे हैं।
फिलहाल पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय निवासी इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि शीर्ष नेतृत्व किस रणनीति पर आगे बढ़ता है। क्या भाजपा नेतृत्व किसी नए प्रयोग पर दांव लगाएगा या फिर किसी अनुभवी पुराने खिलाड़ी को पश्चिम क्षेत्र की कमान सौंपकर ‘सेफ गेम’ खेलेगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन एक बात तय है कि नया अध्यक्ष पश्चिम उत्तर प्रदेश में भाजपा की आगामी चुनावी राह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।


