नमो भारत RRTS: NCRTC ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर की DPR को अंतिम रूप दिया,

NCR Khabar Internet Desk
4 Min Read

नई दिल्ली: नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले 63 किलोमीटर लंबे नमो भारत RRTS कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दे दिया है। यह अत्यधिक प्रतीक्षित परियोजना, जिसकी अनुमानित लागत ₹19,390 करोड़ है, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में यात्रा और आर्थिक एकीकरण के परिदृश्य को मौलिक रूप से बदलने की क्षमता रखती है। DPR को अब हरियाणा सरकार द्वारा समीक्षा के लिए हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) को सौंपा गया है।

- Support Us for Independent Journalism-
Ad image

यह कॉरिडोर, जिसका 50 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और 13 किलोमीटर उत्तर प्रदेश में होगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना में गुरुग्राम, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में इंटीग्रेटेड मेट्रो कनेक्टिविटी भी शामिल होगी, जो यात्रियों को निर्बाध ‘फर्स्ट-माइल’ और ‘लास्ट-माइल’ कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

- Advertisement -
Ad image

विस्तृत कनेक्टिविटी और स्टेशन नेटवर्क:

DPR के अनुसार, RRTS में सात प्रमुख स्टेशन होंगे:

गुरुग्राम: इफ्को चौक (प्रारंभिक इंटरचेंज स्टेशन), सेक्टर-61 और ग्वाल पहाड़ी।
फरीदाबाद: सैनिक कॉलोनी, बाटा चौक और सेक्टर-87-88 इंटरसेक्शन।
नोएडा/ग्रेटर नोएडा: नोएडा सेक्टर 142 और सूरजपुर।

- Advertisement -
Ad image

इसके अतिरिक्त, परियोजना के मेट्रो हिस्से में एक व्यापक नेटवर्क शामिल है:

गुरुग्राम: सेक्टर 29, मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर 52/52A, वज़ीराबाद और सेक्टर 57।
फरीदाबाद: NIT-3, NIT-1, सेक्टर 12/13/14/15 इंटरसेक्शन, सेक्टर 80, सेक्टर 81/82 इंटरसेक्शन, सेक्टर 85/86 इंटरसेक्शन और बादशाहपुर।
नोएडा/ग्रेटर नोएडा: नोएडा सेक्टर 135, सेक्टर 141 और सुथियाना।

रणनीतिक महत्व और वित्तीय ढांचा:

इस कॉरिडोर का रणनीतिक महत्व यह है कि यह फरीदाबाद और गुरुग्राम के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों को नोएडा के उभरते आर्थिक हब से सीधे जोड़ेगा। विशेष रूप से, गाजियाबाद से सूरजपुर होते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहले से स्वीकृत RRTS लाइन के साथ इसका एकीकरण, गुरुग्राम से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी और तीव्र कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जो इस क्षेत्र के भविष्य के हवाई यातायात और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ यात्रा के समय को कम नहीं करेगा, बल्कि मौजूदा सड़क नेटवर्क पर भारी दबाव को भी कम करेगा और लाखों पेशेवरों व निवासियों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगा।

परियोजना के वित्तपोषण के लिए, NCRTC ₹10,102 करोड़ का सॉफ्ट लोन लेने की योजना बना रहा है। कुल लागत ₹19,390 करोड़ में से, हरियाणा का योगदान ₹4,555 करोड़, उत्तर प्रदेश का ₹1,364 करोड़ और केंद्र सरकार का ₹3,367 करोड़ निर्धारित किया गया है। यह वित्तीय ढांचा विभिन्न हितधारकों के बीच साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वर्तमान स्थिति और आगे की राह:

HMRTC के एक अधिकारी ने बताया कि DPR पर सोमवार को राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में गहन चर्चा की गई। उन्होंने कहा, “DPR की समीक्षा की जा रही है। GMDA, HSVP, गुरुग्राम नगर निगम और फरीदाबाद के संबंधित विभागों से फीडबैक लिया जाएगा।” यह विस्तृत समीक्षा प्रक्रिया परियोजना की व्यवहार्यता और विभिन्न शहरी नियोजन निकायों के साथ उसके संरेखण को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

यह नमो भारत RRTS कॉरिडोर NCR की बहु-केंद्रित विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। एक बार स्वीकृत और कार्यान्वित होने के बाद, यह कॉरिडोर न केवल एक अत्याधुनिक परिवहन समाधान प्रदान करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगा और इसे एक अधिक एकीकृत, कुशल और भविष्य के लिए तैयार महानगर में बदल देगा। इसकी समय पर और सुचारू प्रगति सुनिश्चित करना सभी संबंधित सरकारों के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि NCR की असीमित क्षमता को साकार किया जा सके।

Share This Article
एनसीआर खबर दिल्ली एनसीआर का प्रतिष्ठित हिंदी समाचार वेब साइट है। एनसीआर खबर में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय,सुझाव और ख़बरें हमें mynews.ncrkhabar@gmail.com पर भेज सकते हैं या 09654531723 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I अपना सूक्ष्म सहयोग आप हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : 9654531723@paytm के जरिये दे सकते है