नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने अपने अधिसूचित और डूब (फ्लडप्लेन) क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान चलाया है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश के निर्देशों पर हुई इस कार्रवाई के तहत प्राधिकरण की टीम ने स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से कई अवैध फार्महाउसों और अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त कर करीब 32,670 वर्ग मीटर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया।
कोण्डली बांगर के डूब क्षेत्र में चला पीला पंजा
प्राधिकरण के वर्क सर्किल-10 के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोण्डली बांगर के डूब क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित किए गए फार्महाउसों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने भारी मशीनरी और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर डूब क्षेत्र में बने अवैध ढांचों पर कार्रवाई की। अभियान के दौरान लगभग 7 से 10 अवैध फार्महाउसों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, जिससे लगभग 10,000 वर्ग मीटर अधिसूचित सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
ग्राम झट्टा में पुन: अतिक्रमण का प्रयास विफल
इसके साथ ही, वर्क सर्किल-10 के तहत ग्राम झट्टा के खसरा संख्या-456 पर भी प्राधिकरण ने कड़ी कार्रवाई संपादित कराई। ज्ञात हो कि इस क्षेत्र में अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा प्राधिकरण की अधिसूचित भूमि पर फिर से दीवारें खड़ी कर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। जानकारी मिलते ही प्राधिकरण की टीम ने पुलिस बल की मदद से इस पुन: किए गए निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस स्थान से लगभग 22,670 वर्ग मीटर भूमि को मुक्त कराया गया है।
अतिक्रमण पर शून्य सहनशीलता की नीति
प्राधिकरण प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र और नदियों के डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण पूरी तरह से गैर-कानूनी है। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों के पनपने को रोकने के लिए नियमित निगरानी रखी जा रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

प्राधिकरण ने आम जनता और निवेशकों से भी अपील की है कि वे डूब क्षेत्र या किसी भी अधिसूचित भूमि पर भू-माफियाओं के बहकावे में न आएं और ऐसी जमीनों में खरीद-फरोख्त से बचें, जिससे उन्हें वित्तीय या कानूनी नुकसान का सामना करना पड़े।



