नोएडा। उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे शहर नोएडा में लगातार बढ़ती आबादी और गाड़ियों के दबाव के बीच यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। शहर के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पर्थला चौक पर जाम की विकराल होती समस्या को खत्म करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने 6-लेन के अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) कॉरिडोर पर प्रस्तावित यह परियोजना आने वाले समय में नोएडा की लाइफलाइन साबित हो सकती है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के बीच दैनिक आवाजाही करने वाले लाखों निवासियों के लिए पर्थला चौक लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ है। ऐसे में यह परियोजना केवल एक बुनियादी ढांचागत विकास नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक बेहद जरूरी और दूरदर्शी कदम है। हालांकि, 18 महीने के निर्माण कार्य के दौरान शहर के इस व्यस्त हिस्से में यातायात को सुचारू बनाए रखना प्राधिकरण के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।
710 मीटर लंबा होगा अंडरपास, 80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत
योगी आदित्यनाथ सरकार की आधुनिक और सुरक्षित शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की नीति के तहत नोएडा प्राधिकरण इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर आगे बढ़ा रहा है। प्रस्तावित पार्थला अंडरपास की कुल लंबाई करीब 710 मीटर निर्धारित की गई है। प्रत्येक दिशा में लगभग 110 मीटर लंबा आरसीसी बॉक्स बनाया जाएगा। इसके अलावा 20 मीटर का खुला आकाश वाला हिस्सा तथा दोनों ओर करीब 280-280 मीटर लंबे पहुंच मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं। बारिश के दौरान अंडरपास में पानी जमा न हो, इसके लिए जल निकासी की विशेष व्यवस्था की जाएगी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 80 करोड़ रुपये तय की गई है और इसे 18 महीने की अवधि में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय निवासियों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस अंडरपास के निर्माण से एफएनजी कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह निर्बाध (सीमलेस) हो जाएगी। इसका सीधा फायदा आसपास के कई सेक्टरों और रिहायशी इलाकों को मिलेगा।

विशेष रूप से सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक और छिजारसी के निवासियों को रोजाना लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी। ग्रेटर नोएडा वेस्ट से नोएडा और दिल्ली की ओर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों का सफर काफी समय बचाएगा।
दूरदर्शी कदम, लेकिन समय पर पूरा होना जरूरी
नोएडा में जिस तेजी से व्यावसायिक और आवासीय सोसायटियों का विस्तार हुआ है, उसे देखते हुए पर्थला चौक पर यह 6-लेन अंडरपास भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया एक सही फैसला है। चौराहे पर रुकने और लाल बत्ती के चक्कर से मुक्ति मिलने से ईंधन की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी गिरावट आएगी।
स्थानीय निवासियों की नजर अब इस बात पर होगी कि प्राधिकरण तय समय सीमा (18 महीने) के भीतर इस प्रोजेक्ट को कैसे पूरा करता है, ताकि निर्माण के दौरान लोगों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े।




