अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने गे-डेटिंग एप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाने, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसके बाद ब्लैकमेलिंग करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने एएमयू के बीबीए तृतीय वर्ष के एक छात्र को गिरफ्तार किया है, जो यूनिवर्सिटी के वीएम हॉल (VM Hall) से इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
कैसे काम करता था गिरोह? पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी समलैंगिकों के लिए लोकप्रिय डेटिंग ऐप ‘ग्राइंडर’ (Grindr) पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से दोस्ती करते थे। इसके बाद बातचीत के बहाने युवकों को एएमयू के वीएम हॉल में बुलाया जाता था। यहां पहुंचने के बाद युवकों को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की जाती थी और उनके आपत्तिजनक वीडियो बना लिए जाते थे। इसके बाद शुरू होता था ब्लैकमेलिंग और रंगदारी वसूलने का खेल। लोकलाज के डर से पीड़ित आमतौर पर पुलिस के पास जाने से बचते थे।
एएमयू कर्मचारी के बेटे से 25 हजार की वसूली के बाद खुला राज इस पूरे गोरखधंधे का खुलासा तब हुआ जब एएमयू के ही एक कर्मचारी के बेटे को इस गिरोह ने अपना शिकार बनाया। पीड़ित कर्मचारी द्वारा सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 17 अगस्त की शाम करीब 5:30 बजे उनके 19 वर्षीय बेटे को किसी बहाने से वीएम हॉल बुलाया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीएम हॉल के कमरे में पहले से मौजूद लोगों ने उनके बेटे को बंधक बना लिया। उसके साथ मारपीट की गई, उसे जबरन निर्वस्त्र किया गया और कई घंटों तक शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पिता का आरोप है कि आरोपियों ने बेटे की जेब से 5,600 रुपये नकद छीन लिए और उसका अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया और जबरन ऑनलाइन माध्यम से बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई, जिसमें अकेले 25 हजार रुपये की वसूली का मुख्य मामला सामने आया।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस जांच में शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी छात्र शाहजिल शान खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी शाहजिल मूल रूप से पीलीभीत जिले के थाना जहानाबाद क्षेत्र के परिवा वेस्ट का रहने वाला है और वर्तमान में एएमयू के वीएम हॉल में रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक आईफोन 13 प्रो मैक्स और 1,200 रुपये नकद बरामद किए हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह पिछले करीब चार महीनों से सक्रिय था। पुलिस ने जब आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की, तो उसमें 15 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया होगा। पुलिस फिलहाल इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है और मामले की गहनता से जांच जारी है।






