ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ स्थानीय किसानों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा है और आंदोलन ने एक बार फिर गति पकड़ ली है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत की मौजूदगी में किसानों ने आंदोलन को उग्र करते हुए प्राधिकरण के मुख्य गेट के बाहर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन डेरा डालने का एलान किया है। टिकैत ने किसानों से आह्वान किया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे धरने पर मजबूती से डटे रहें।
आंदोलन के मंच से किसानों को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने प्राधिकरण के रवैये पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी प्राधिकरण प्रशासन ने पानी और टेंट हटवाकर किसानों के धरने को समाप्त कराने की कोशिश की थी, लेकिन अब ऐसा बिल्कुल नहीं चलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार आंदोलन को पूरी मजबूती और रणनीति के साथ आगे बढ़ाया जाएगा और जब तक समाधान नहीं निकलता, प्राधिकरण के बाहर रोजाना किसान पंचायत आयोजित की जाएगी।
मांगें पूरी न होने से किसानों में भारी आक्रोश
गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ किसान लंबे समय से अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। किसानों की मुख्य मांगों में विकसित भूखंडों का आवंटन, बढ़ा हुआ मुआवजा देना और वर्षों से चली आ रही आबादी से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण शामिल है। किसान नेताओं का कहना है कि प्राधिकरण अधिकारियों के साथ कई बार की वार्ताएं बेनतीजा रही हैं। बार-बार केवल आश्वासन मिलने से अब किसानों का धैर्य जवाब दे चुका है और उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है।
24 तारीख तक का अल्टीमेटम, महापंचायत की चेतावनी
राकेश टिकैत के आह्वान के तुरंत बाद ही किसानों ने प्राधिकरण के मुख्य गेट के बाहर अपने तंबू और टेंट गाड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। धरना स्थल पर भारतीय किसान यूनियन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान डटे हुए हैं।
किसानों ने प्रशासन और प्राधिकरण को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 24 तारीख तक उनकी मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने ऐलान किया है कि मांगें न मानने की स्थिति में एक विशाल महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्राधिकरण प्रशासन की होगी। फिलहाल प्राधिकरण के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस बल तैनात है।





