नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) के नेटवर्क पर सफर करने वाले यात्रियों को पिछले दो दिनों से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मेट्रो का व्हाट्सएप टिकटिंग सिस्टम और टिकट वेंडिंग मशीन (TVM) का सॉफ्टवेयर ठप होने के कारण यात्रियों को टिकट लेने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। डिजिटल भुगतान फेल होने से कई यात्रियों को अपनी यात्रा तक रद्द या निजी वाहनों से करनी पड़ रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर सेक्टर 51 मेट्रो स्टेशन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सुबह करीब 9:40 बजे टिकट वेंडिंग मशीन का सॉफ्टवेयर बंद नजर आ रहा है। ज्ञात रहे कि सेक्टर 51 एक प्रमुख स्टेशन है, जहां से प्रतिदिन 50,000 से 60,000 से अधिक यात्री सफर करते हैं। इसके अलावा, ताज़ा जानकारी के अनुसार सेक्टर 142 मेट्रो स्टेशन पर भी यही तकनीकी समस्या सामने आई है।
सोमवार को भी रही यही स्थिति
यह समस्या केवल आज की नहीं है, बल्कि सोमवार को भी एनएमआरसी के कई स्टेशनों पर यात्रियों को इसी तरह की परेशानियों से जूझना पड़ा था। सेक्टर डेल्टा-1 समेत ग्रेटर नोएडा और नोएडा के कई अन्य स्टेशनों पर टिकट मशीनों में यूपीआई (UPI) के जरिए भुगतान नहीं हो सका।
डिजिटल पेमेंट फेल होने के कारण यात्रियों को मजबूरन नकद पैसे देकर टिकट खरीदने पड़े। जिन यात्रियों के पास नकदी नहीं थी, उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। टिकट काउंटर पर लंबी कतारें लग गईं और लोगों को टिकट के लिए 10 से 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। यूपीआई सेवा बाधित होने के कारण सेक्टर डेल्टा-1 स्टेशन पर सभी टिकट मशीनें बंद पड़ी रहीं। कई यात्रियों के पास कैश न होने के कारण उन्हें मेट्रो सफर रद्द कर ओला, रैपिडो जैसे साधनों का सहारा लेना पड़ा, तो कुछ ने अन्य यात्रियों से नकद उधार मांगकर काम चलाया।
यात्रियों ने उठाए सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल
यात्रियों का कहना है कि आज के समय में अधिकांश लोग डिजिटल भुगतान का ही उपयोग करते हैं और अपने साथ नकदी नहीं रखते। ऐसे में यदि यूपीआई सेवा बाधित होती है, तो मेट्रो प्रशासन के पास वैकल्पिक व्यवस्था और यात्रियों को तुरंत सूचना देने का तंत्र होना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय यात्रियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। एनसीआर खबर से बातचीत करते हुए एक यूजर, विपिन ध्यानी ने कहा, “नोएडा मेट्रो में स्मार्ट कार्ड बनवाना भी एक जटिल प्रोजेक्ट जैसा है। पेपर वाला फॉर्म भरो, लेकिन कई बार कार्ड एक्टिवेट ही नहीं होता। कस्टमर केयर हमेशा ओवरलोडेड रहता है। एंट्री और एग्जिट गेट्स पर हमेशा लंबी लाइनें लगी रहती हैं। सॉफ्टवेयर या तो बहुत स्लो है या पुराने जनरेशन का है। भीड़ बढ़ने पर कई बार बिना टिकट या मैनुअल एंट्री दे दी जाती है, जो कि एक बड़ा सुरक्षा मुद्दा है।”





