आशु भटनागरI 17 सितंबर को शाम 6:00 बजे से 7:00 बजे के बीच हर घर, मंदिर और आंगन में दीया जलाने की अपील की गई है। ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रात: स्मरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 गौरवशाली वर्षों (सेवा, सुशासन और समर्पण) के उपलक्ष्य में चलाया जा रहा एक विशेष अभियान है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्र निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर उनके प्रति आभार व्यक्त करना हैI
पर कभी मोदी के कहने भर से दिए जला देने वाला, थाली बजाने वाला देश कल उनेके नाम पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने को बोझ मान रहा है I बड़े बड़े धुरंधर भाजपा समर्थक भी कल ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित इस दिएनामे को लेकर आक्रोशित दिखाई दे रहे हैंI सोशल मीडिया पर दिख रहे सच को अगर सही मान ले तो 12 वर्ष में मोदी नाम का जो सूर्य भाजपा की और से भारत की जनता को दिखाया गया था वो वाकई दिए जितनी ही रौशनी देने में असमर्थ हैI
जनता 175 रूपए में 750 ग्राम तेल के पैकेट दिखा कर पूछ रही है प्रभु कांग्रेस तो 1 किलो को एक लीटर की थी, आपने इसे पूंजीवादी मित्रो से 750 क्यूँ करवा दियाI जनता 30 दिन की जगह 28 दिन के टेलिकोम टैरिफ प्लान कर उसे एक महीना अधिक का पैसा देने का प्रश्न पूछ रही है I वो ये भी पूछ रही है कि प्रभु एस्सेल ग्रुप के संस्थापक सुभाष चंद्रा के लगभग 22,006 करोड़ रुपये के व्यक्तिगत गारंटी वाले कर्ज के दावों को मात्र 6.5 करोड़ रुपये के भुगतान में निबटा देने वाली देने वाली सरकार के राज में क्यूँ किसी गरीब की EMI वसूलने के लिए रिकवरी एजेंट उसका खून निकलवा कर बेच रहे हैI वो पूछ रही है कि आखिर कभी इस देश में पैदा हो जाने मात्र से नागरिक होने वाला आज राशन कार्ड, आधार कार्डऔर पासपोर्ट होने के बाद भी नागरिक कैसे बने?
देश में चहुँओर आक्रोश में व्यथित समाज जब मोदी सरकार से UGC तो कभी आरक्षण पर अपने प्रश्नों के उत्तर मांग रहा है तब उनकी पार्टी उसकी जगह UPI पर चार्ज और E20 एथनाल मिश्रित तेल का चमत्कार दिखा रही है और मोदी के नाम पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलने की बाते कर रहे हैंI
जनता आक्रोशित है पर भक्तिकाल दौर में सरकार की पेड मीडिया एजेंसिया मोदी चरित्र गाथा गाने में लगी हैI कोई चाटुकारिता का शीर्ष पुरस्कार पाने के लालच में फिर से मोदी के पुराने मुस्लिम मित्रो को खोज कर उसके इंटरव्यू रहा है तो कोई वहां न पहुँच पाए तो फिर से मोदी की चाटुकारिता के नाम पर नए नए राग गा रहा हैI इससे भी भला नहीं हो पा रहा है तो कई सरकारी पैसे से देश में भर में मोदी के जन्मदिवस में नाम पर पार्टी 17 सितम्बर से 17 अक्तूबर तक स्वछ्त्ता और जागरूकता कार्यक्रम के समाचार चला कर ही अपना गिलहरी योगदान दें रहे हैI
देश की जनता प्रश्न न पूछ ले इसके लिए प्रात: स्मरणीय मोदी जी की सरकार ने 80 करोड़ को भी 5 किलो राशन बांटा जाना बंद नहीं किया गया है और वो उसी राशन में से दीपावली से पहले देश को चमक दमक वाली रौशनी की जगह ‘आशीर्वाद का दीया’ जला कर सब भूल भी जाएगा I
देश में सड़के टूटी रहे, स्कुल न बने, अस्पतालों में कोई सुविधा न रही हो पर दिए ऐसे ही जलने चाहिएI भले ही करोडो देशवासियों के घरो दिए न जल पा रहे हो पर भाजपा का पूरा ध्यान सिर्फ इसी पर है कि प्रधानमंत्री के नाम का दिया कल जलता रहना चाहिएI





