आशु भटनागर। कहते हैं कि राम नाम की महिमा अपरंपार है और जो भी सच्चे मन से भगवान राम की शरण में आता है, उसकी बिगड़ी बनते देर नहीं लगती। कुछ ऐसा ही अनोखा नजारा ग्रेटर नोएडा के साईट 4 में आयोजित रामलीला के भूमिपूजन के दौरान देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कद्दावर नेता राजकुमार भाटी, जो अक्सर अपनी पार्टी की नीतियों और वामपंथी झुकाव वाले बयानों के लिए जाने जाते हैं, रविवार को पूरी तरह से भगवान राम के रंग में रंगे नजर आए।
अक्सर मुस्लिम तुष्टिकरण और जातीय राजनीति के फेर में सनातन धर्म और भगवान राम को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाले नेताओं की कतार में खड़े दिखने वाले राजकुमार भाटी ने इस बार अपने सुर बदल लिए हैं। रामलीला के भूमिपूजन के पावन अवसर पर मंच से बोलते हुए भाटी ने न केवल मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों की जमकर प्रशंसा की, बल्कि उपस्थित जनसमूह से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान भी किया। इतना ही नहीं, अपने भाषण के समापन पर उन्होंने पूरे जोश और भक्तिभाव के साथ ‘जय श्री राम’ का नारा भी लगाया।
इसे भगवान राम की कृपा कहें या फिर एक अद्भुत राजनीतिक संयोग, सुबह रामलीला के मंच पर ‘जय श्री राम’ का उद्घोष करने वाले राजकुमार भाटी की किस्मत शाम होते-होते पूरी तरह बदल गई। पिछले छह महीनों से विवादित बयानों के चलते पार्टी में हाशिए पर चल रहे भाटी को रविवार शाम को ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी।
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने राजकुमार भाटी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बेहद संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिलों—सहारनपुर और बागपत में पार्टी के चुनावी अभियान ‘चौपाल पंचायत’ की कमान सौंप दी है। उन्हें इन जिलों में पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाने और संगठन को मजबूत करने का जिम्मा मिला है।
जिम्मेदारी मिलने पर भाटी ने जताया आभार
इस नई और बड़ी जिम्मेदारी से गदगद राजकुमार भाटी ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा की। उन्होंने फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी ने जिस उम्मीद और भरोसे के साथ मुझे यह जिम्मेदारी दी है, उसे शत-प्रतिशत पूरा करने का प्रयास करूंगा। परिश्रम, योजना और सकारात्मक प्रचार के बल पर दोनों जिलों की अधिकतम सीटों पर पार्टी को जीत दिलाने का प्रयास रहेगा।”
स्थानीय लोगों और सपा कार्यकर्ताओं में चर्चा तेज
राजकुमार भाटी के इस रूप और उसके तुरंत बाद मिले राजनीतिक लाभ को लेकर स्थानीय निवासियों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। पार्टी के ही कई नेताओं का दबी जुबान में कहना है कि भगवान राम की कृपा से राजकुमार भाटी को राजनीति की मुख्यधारा में लौटने का यह एक बेहतरीन मौका मिला है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भाटी अपने पुराने विवादित और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले बयानों से तौबा कर इस सकारात्मक और मर्यादित आचरण को बनाए रखते हैं, तो न सिर्फ आने वाले समय में उनके राजनीतिक सितारे और बुलंद हो सकते हैं बल्कि दादरी विधान सभा सीट को जीत सकते है। बहरहाल, साईट 4 की रामलीला के मंच से शुरू हुआ यह ‘राम नाम’ का सफर फिलहाल सहारनपुर और बागपत की चौपालों में क्या रंग लाता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।




