नया नोएडा के विकास के लिए प्राधिकरण ने पूरी की कार्ययोजना, तीन वर्क सर्किल का हुआ गठन, जानिये किस महाप्रबंधक के पास क्या ?

आशु भटनागर
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आशु भटनागर: नोएडा प्राधिकरण ने ‘नया नोएडा’ (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र – DNGIR) के विकास के लिए अपनी प्लानिंग को अंतिम रूप दे दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए तीन नए वर्क सर्किल—11, 12 और 14 का गठन किया गया है। रोचक बात यह है कि नोएडा के पारंपरिक सेक्टरों की तरह ही, अंधविश्वास या अन्य कारणों के चलते इस बार भी ‘वर्क सर्किल-13’ का सृजन नहीं किया गया है।

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इन तीनों नव-गठित वर्क सर्किल के अधिकारियों पर मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण कराने और क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण को रोकने की जिम्मेदारी होगी।

दो महाप्रबंधकों को सौंपी गई जिम्मेदारी

प्राधिकरण द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इन तीन वर्क सर्किल की कमान नोएडा प्राधिकरण के दो वरिष्ठ महाप्रबंधकों (GM) को सौंपी गई है।

वर्क सर्किल-11: इसकी जिम्मेदारी महाप्रबंधक एस.पी. सिंह को दी गई है।
वर्क सर्किल-12 और 14: इन दोनों सर्किलों की जिम्मेदारी महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा संभालेंगे।

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इन अधिकारियों का मुख्य दायित्व क्षेत्र में अवैध निर्माण पर रोक लगाना और तय समयसीमा के भीतर विकास कार्यों को आगे बढ़ाना होगा।

क्या है नया नोएडा मास्टर प्लान?

नया नोएडा का मास्टर प्लान कुल 209.11 वर्ग किलोमीटर (20,911.29 हेक्टेयर) क्षेत्र के लिए तैयार किया गया है। इस परियोजना को कुल चार चरणों में विकसित किया जाएगा:

पहला चरण (2023–2027): 3,165 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास।
दूसरा चरण (2027–2032): 3,798 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास।
तीसरा चरण (2032–2037): 5,908 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास।
चौथा चरण (2037–2041): 8,230 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास।

किसानों के लिए मुआवजा नीति तय भूमि

अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की तर्ज पर मुआवजा नीति तय की है। इसके तहत किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, भू-स्थानिक डेटा (Geospatial Data) के विश्लेषण के बाद तैयार किया जाने वाला जीआईएस मैप इस शहर के नियोजन में अहम भूमिका निभाएगा। इसकी मदद से यह तय किया जाएगा कि आवासीय, औद्योगिक और संस्थागत क्षेत्र कहां विकसित किए जाएं, जल निकायों का संरक्षण किस प्रकार हो और सड़क नेटवर्क का ढांचा कैसा हो। इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ‘नया नोएडा’ को एक सुनियोजित और आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

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आशु भटनागर बीते 15 वर्षो से राजनतिक विश्लेषक के तोर पर सक्रिय हैं साथ ही दिल्ली एनसीआर की स्थानीय राजनीति को कवर करते रहे है I वर्तमान मे एनसीआर खबर के संपादक है I उनको आप एनसीआर खबर के prime time पर भी चर्चा मे सुन सकते है I Twitter : https://twitter.com/ashubhatnaagar हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I एनसीआर खबर पर समाचार और विज्ञापन के लिए हमे संपर्क करे । हमारे लेख/समाचार ऐसे ही सीधे आपके व्हाट्सएप पर प्राप्त करने के लिए वार्षिक मूल्य(रु999) हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : ashu.319@oksbi के जरिये देकर उसकी डिटेल हमे व्हाट्सएप अवश्य करे