सहारनपुर, उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर से राज्यव्यापी ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया। सीएम योगी निर्धारित समय से करीब सवा घंटे की देरी से सहारनपुर पहुंचे। उनका विमान सरसावा एयरपोर्ट पर उतरा, जहां से वह सीधे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले राज्य में कानून व्यवस्था की कथित बदहाली, महिला सुरक्षा और व्यापारियों के पलायन जैसे मुद्दों पर विपक्ष को घेरा।
‘2017 से पहले न बेटी सुरक्षित, न व्यापारी’
योगी आदित्यनाथ ने अपनी जनसभा में समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में, विशेषकर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मथुरा, अलीगढ़ और मेरठ जैसे क्षेत्रों में, दंगे और कर्फ्यू एक ‘नियत’ बन चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कैराना और कांधला जैसे स्थानों से बड़े पैमाने पर पलायन हुआ, जिससे ये क्षेत्र ‘हिंदू विहीन’ कर दिए गए थे। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी सुरक्षित था। कानून व्यवस्था तहस-नहस हो चुकी थी।”
मुख्यमंत्री ने 2011-12 की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मुरादाबाद में एक डीआईजी पर हमला किया गया था और उपद्रवी उन्हें ‘मरा हुआ’ छोड़कर चले गए थे। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन सपा सरकार ने उन उपद्रवियों पर न केवल मुकदमा नहीं चलाया बल्कि उनके मुकदमे वापस लेने का भी प्रयास किया। योगी ने कहा, “हमारी सरकार आने के बाद हमने स्पष्ट किया कि उपद्रवी बख्शे नहीं जाएंगे, और पिछले दिनों हमने उन आरोपियों को सजा भी दिलाई है।
विकास कार्यों पर विजन का अभाव और ‘कब्रिस्तान की बाउंड्री’ का मुद्दा
अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए, सीएम योगी ने सहारनपुर में बन रहे मां शाकुंभरी कॉरिडोर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यह केवल एक ‘सपना’ था, क्योंकि पैसा तब भी था, लेकिन ‘उपयोग कहां करना है, इसके लिए विजन नहीं था।’ योगी ने आरोप लगाया कि यह पैसा या तो सपा के गुर्गों द्वारा ‘हड़प’ लिया जाता था या ‘कब्रिस्तान की बाउंड्री’ के लिए चला जाता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज वही पैसा कॉरिडोर, सड़कें और एक्सप्रेस-वे बनाने में उपयोग हो रहा है, जो प्रदेश के विकास को नई दिशा दे रहा है।

मुख्यमंत्री के इन तीखे बयानों और अचानक हुए दौरे को आगामी चुनावों के मद्देनजर भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह कानून व्यवस्था और विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर विपक्ष को घेरने का प्रयास कर रही है।



