ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) का खजाना लगातार भर रहा है। प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में राजस्व प्राप्ति के मामले में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 114.33 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।
बुधवार को आयोजित प्राधिकरण की 91वीं बोर्ड बैठक में अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष (2025-26) की पहली तिमाही में कुल राजस्व प्राप्ति 640.01 करोड़ रुपये थी, जो चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 1371.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्राधिकरण ने चालू वित्त वर्ष के लिए लगभग 11 हजार करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
औद्योगिक निवेश का बढ़ा दायरा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रभाव के चलते यीडा में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ा है। औद्योगिक और मिक्स लैंड योजनाओं से प्राधिकरण को अब तक 660.14 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। यह आंकड़ा चालू वित्त वर्ष के लिए तय किए गए वार्षिक लक्ष्य का 47.5 प्रतिशत है, जबकि अभी वित्तीय वर्ष समाप्त होने में नौ महीने शेष हैं।
राजस्व बढ़ने के साथ ही प्राधिकरण का खर्च भी बढ़ा है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा जमीन अधिग्रहण का है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल जून तक खर्च 944.80 करोड़ रुपये था, जो इस साल की पहली तिमाही में बढ़कर 2101.96 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें से 1741.40 करोड़ रुपये केवल जमीन खरीदने पर खर्च किए गए हैं।

नए सेक्टरों के विकास को मंजूरी
यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बोर्ड बैठक में नए सेक्टरों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जमीन क्रय को मंजूरी दी गई है। इनमें औद्योगिक सेक्टर 8ए, 8बी, 8सी, सेक्टर 23सी (पुनर्वास के लिए) और सेक्टर 7बी से सेक्टर 8डी तक मास्टर प्लान में प्रस्तावित सड़क का निर्माण शामिल है। इन नए सेक्टरों के विकसित होने से क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।
बोर्ड बैठक में चेयरमैन आलोक कुमार, नोएडा के सीईओ कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा के एसीईओ सुनील कुमार सहित यीडा के एसीईओ मनीष मीणा, शैलेंद्र भाटिया और राजेश कुमार सिंह आदि वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



