1 मई, यानी अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर नोएडा में राजनीतिक और प्रशासनिक पारा चरम पर है। एक ओर जहां प्रशासन ने शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी, किसान सभा और विभिन्न मजदूर यूनियनें पुलिस पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
सुरक्षा का अभेद्य घेरा और धारा 163
किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए नोएडा पुलिस ने कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर को कुल 11 जोन एवं 49 सेक्टर में विभाजित किया गया है।पूरे जिले में धारा 163 लागू है, जो 8 मई तक प्रभावी रहेगी। इनमें नोएडा जोन को 04 जोन व 16 सेक्टर, सेंट्रल नोएडा जोन को 03 जोन व 24 सेक्टर तथा ग्रेटर नोएडा जोन को 04 जोन व 09 सेक्टरों में बांटा गया है। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु अन्य जनपदों से 06 एसपी रैंक के अधिकारी, 14 अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी, 30 क्षेत्राधिकारी (Dy.SP) रैंक के अधिकारी, 65 निरीक्षक, 400 उपनिरीक्षक, 150 महिला उपनिरीक्षक, 900 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 200 महिला मुख्य आरक्षी/आरक्षी तथा 10 कंपनी PAC को ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके अतिरिक्त कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर से 02 डीसीपी रैंक के अधिकारी, 03 एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी, 04 एसीपी रैंक के अधिकारी एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण भी ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं। महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों, प्रमुख चौराहों एवं लगभग 50 से अधिक महत्वपूर्ण स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से सघन निगरानी की जा रही है तथा इसके अतिरिक्त मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
वहीं जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देशों पर जिला प्रशासन का दावा है कि श्रमिक दिवस के अवसर पर 01 मई को सभी सरकारी अस्पतालों एवं 31 निजी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, औद्योगिक इकाइयों में 300 से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगा रहा है। इसके अतिरिक्त 300 से अधिक स्वास्थ्य शिविर औद्योगिक इकाइयों में भी लगाए जा रहे हैं, जहां टेलीमेडिसिन, डिस्पेंसरी एवं एम्बुलेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, ताकि श्रमिक अपनी सुविधा के अनुसार आसानी से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकें। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने यह भी बताया कि इन शिविरों में श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, पोषण, तथा श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा, आयुष्मान कार्ड बनाने आदि जानकारी एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में प्राइमरी स्कूल हल्दौनी एवं कंपोजिट स्कूल छजारसी का लोकार्पण, तथा सीएम कंपोजिट स्कूल, सेक्टर-33, यीडा का शिलान्यास किया जाएगा। साथ ही 05 डिजिटल वैन/कौशल विकास बसों का शुभारंभ किया जाएगा और श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों के 40 विद्यालयों में द्वितीय पाली में कौशल विकास एवं अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएंगी। ‘स्कूल चलो अभियान’ के अंतर्गत 25 विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। पूर्ति विभाग द्वारा 5 किलोग्राम के 15000 एलपीजी गैस सिलेंडरों का भी वितरण किया जाएगा।

सीटू (CITU) का बदला कार्यक्रम
सीटू (CITU) के नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा ने भी अपने कार्यक्रमों की सूची साझा करते हुए स्पष्ट किया है कि सें वर्तमान हालात व प्रशासनिक अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद संगठन ने सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा स्थित क्राउन प्लाजा होटल के सामने पार्क में प्रस्तावित जनसभा को स्थगित कर दिया है। अब 1 मई 2026 को मजदूर दिवस अनमोल इंडस्ट्रीज, उद्योग विहार, ग्रेटर नोएडा में शांतिपूर्ण झंडारोहण व मिष्ठान वितरण के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम प्रातः 7:00 बजे शुरू होगा जिसका समापन प्रातः 8:30 बजे तक किया जाएगा।
सीटू ने स्पष्ट किया है कि 1 मई को सभी कार्यक्रम पूरी तरह अनुशासित व शांतिपूर्ण रहेंगे। कार्यालयों व कार्यस्थलों पर भी शांतिपूर्ण झंडारोहण किया जाएगा। संगठन औद्योगिक श्रम शांति बहाल करने और आंदोलन के दौरान प्रभावित मजदूरों को कानूनी सहायता देने के लिए जन अभियान जारी रखेगा।
नोएडा में जिलाधिकारी कार्यालय पर सपा का विरोध प्रदर्शन
नोएडा में प्रशासनिक प्रतिबंधों और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद, समाजवादी पार्टी के नोएडा महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन की घोषणा की है। यह प्रदर्शन अप्रैल 2026 में हुए औद्योगिक श्रमिकों के हिंसक विरोध प्रदर्शन और पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन केवल मजदूरों की गिरफ्तारी के विरोध में नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के खिलाफ भी है।
किसान सभा का गंभीर आरोप ‘अघोषित आपातकाल’
वहीं किसान सभा ने पुलिस की कार्रवाई को ‘अघोषित आपातकाल’ करार दिया है। किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि मजदूर नेता रामस्वार्थ को जबरन हिरासत में लिया गया है और सीटू कार्यालय पर पुलिस का भारी पहरा बिठाकर दहशत फैलाई जा रही है।
किसान सभा के अनुसार, हर साल क्राउन प्लाजा के सामने होने वाली शांतिपूर्ण जनसभा को पुलिस ने दबाव बनाकर रद्द करवा दिया है। उनका कहना है कि पुलिस पहले अनुमति देने का आश्वासन देती है और फिर बाद में नेताओं को नजरबंद कर देती है, जो प्रशासन की तानाशाही को दर्शाता है। डॉ. रुपेश वर्मा ने दावा किया कि बढ़ती महंगाई के बीच नोएडा के मजदूरों को सबसे कम मजदूरी दी जा रही है, जो उनके साथ बड़ा अन्याय है।
किसान सभा ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मजदूर नेताओं की तत्काल रिहाई नहीं हुई और मजदूर दिवस मनाने के अधिकारों को कुचलना बंद नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।


