अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव सम्मान सम्मान समारोह-2026′ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा के श्रमिकों के लिए एक बड़ी घोषणा की। इस अवसर पर सीएम ने ग्रेटर नोएडा में ईएसआईसी अस्पताल के निर्माण के लिए सात एकड़ भूमि का आवंटन पत्र प्रदान किया। यह अस्पताल क्षेत्र के औद्योगिक श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं जो श्रमिकों के कल्याण और उनके परिवारों की भलाई से सीधे जुड़ी हैं। उन्होंने घोषणा की कि जेवर क्षेत्र में एक कंपोजिट स्कूल का निर्माण किया जाएगा जहां श्रमिकों के ही बच्चे शिक्षा प्राप्त करेंगे। सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वह मजदूरों के स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि इंडस्ट्रियल श्रमिकों का वेतन बढ़ाया जाएगा। यह उचित है कि उद्योगपति यह कार्य स्वयं करें, लेकिन सरकार ने इस दिशा में उचित कदम उठाते हुए नए वेज बोर्ड का गठन किया है। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में आकर हिंसा न करें और वेज पर काम तेज करें। श्रमिकों को आश्वस्त किया गया कि नए वेज बोर्ड के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य के सभी पांच करोड़ श्रमिकों के परिवार को स्वास्थ्य बीमा से जोड़ा जाएगा।
सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नए वेज में बीमा कंपनी, श्रम और उद्योग विभाग मिलकर श्रमिकों को पांच लाख रुपये का श्रमिक सुरक्षा बीमा प्रदान करेंगे। दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों को तत्काल सहायता मिल सके, इसके लिए यह व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए एक सुरक्षा जाल का काम करेगी।

श्रमिक दिवस पर ग्रेटर नोएडा में हुए कार्यक्रम में उत्साही प्रतिभागिता
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव सम्मान सम्मान समारोह-2026′ में औद्योगिक इकाइयों, कारखानों और विभिन्न प्रतिष्ठानों से जुड़े बड़ी संख्या में श्रमिकों ने सक्रिय भागीदारी की। श्रमिकों को मुख्यमंत्री के संबोधन और घोषणाओं को सीखने का अवसर मिला, जिससे सरकार की योजनाओं और नीतियों के प्रति उनकी समझ और गहरी हुई।
जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम ने इस अवसर पर जिले में श्रमिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिले में 201 स्थानों पर मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया है। इसके अतिरिक्त 25 मोबाइल मेडिकल वैन का शुभारंभ किया गया है, जिन्हें मुख्यमंत्री आरोग्य रथ के नाम से जाना जाएगा। ये वैन दूरदराज के क्षेत्रों में जाकर श्रमिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। जेवर क्षेत्र में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का वर्चुअल शिलान्यास किया गया, जो श्रमिकों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों में 79 स्थानों पर डिस्पेंसरी एवं एंबुलेंस रूम की आधारशिला रखी गई, जिससे श्रमिकों को निकटतम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
स्वास्थ्य उपकरणों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। चार एएलएस एंबुलेंस, 10 ब्लड एनालाइजर मशीन और 43 क्रेच (शिशु कक्ष) का लोकार्पण किया गया। यह सुविधा विशेष रूप से कामकाजी माताओं के लिए बहुत उपयोगी होगी जो अपने छोटे बच्चों की देखभाल के लिए चिंतित रहती हैं। इसके अतिरिक्त पांच नए अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है, जिससे श्रमिकों और उनके परिवारों को सस्ती और बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
निशुल्क फूड वैन सेवा का शुभारंभ
श्रमिकों के कल्याण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सहयोग से निशुल्क फूड वैन सेवा का शुभारंभ किया गया। यह सीएसआर के तहत संचालित एक योजना है जिसके माध्यम से सप्ताह में तीन दिन करीब 600 औद्योगिक श्रमिकों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से उन श्रमिकों के लिए राहत लेकर आएगी जो दूरदराज क्षेत्रों से आकर यहां काम करते हैं और उन्हें भोजन की व्यवस्था में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

कार्यक्रम में श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास, शिक्षा और रोजगार से संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह श्रमिकों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कई और योजनाएं आने की संभावना है। इन सभी पहलों का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों की जीवन स्थिति में सुधार करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है।


