आशु भटनागर । ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) की 143वीं बोर्ड बैठक शनिवार को संपन्न हुई, जिसमें शहर के भविष्य की रूपरेखा तैयार करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में न केवल वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹6,048 करोड़ का संतुलित बजट पेश किया गया, बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास, सार्वजनिक परिवहन और आम जनता को वित्तीय राहत देने वाली कई योजनाओं की घोषणा की गई।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का विस्तार
प्राधिकरण ने कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ग्रेटर नोएडा की 105 मीटर चौड़ी सड़क को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, लॉजिस्टिक हब और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के समानांतर एक 6-लेन एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। यह कदम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक माल ढुलाई को सुगम बनाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।
आम जनता को बड़ी राहत
जल शुल्क और ओटीएस योजना बोर्ड ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए वर्ष 2013-14 के बाद पहली बार जल शुल्क (Water Charges) में कोई वृद्धि न करने का फैसला किया है। इसके साथ ही, बकाया जल बिलों के भुगतान के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) योजना को मंजूरी दी गई है।
30 जून तक भुगतान करने पर ब्याज में 40% की छूट।
31 जुलाई तक 30% और 31 अगस्त तक 20% की छूट दी जाएगी।
बहुमंजिला इमारतों (EWS से 135 वर्ग मीटर तक) के आवंटियों को भी प्रीमियम और लीज डीड के विलंब शुल्क के ब्याज में ओटीएस के माध्यम से बड़ी राहत दी गई है।
रियल एस्टेट और रजिस्ट्री
लीगेसी प्रोजेक्ट पॉलिसी के तहत अब तक 40,570 फ्लैट खरीदारों को मालिकाना हक मिल चुका है। बिल्डर विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, नीति लागू होने के बाद से अब तक 20,088 फ्लैटों की रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है, जिससे वर्षों से फंसे खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।
परिवहन और सुरक्षा के लिए आधुनिक कदम
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण ने शहर के चार प्रमुख रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक (EV) बसें चलाने का निर्णय लिया है। वहीं, ऊंची इमारतों में आगजनी की घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ₹100 करोड़ की लागत से दो अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है।
अन्य प्रमुख निर्णय:
बजट आवंटन: ₹6,048 करोड़ के कुल बजट में से लगभग ₹1,150 करोड़ भूमि अधिग्रहण और ₹2,176 करोड़ विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।
ट्रैफिक समाधान: परी चौक और आसपास के क्षेत्रों को जाम मुक्त बनाने के लिए आईआईटी (IIT) दिल्ली से परामर्श लिया जाएगा।
संस्थागत विकास: नॉलेज पार्क-5 में 300 बेड का ईएसआई (ESI) अस्पताल और टेकजोन में ‘मेघालय भवन’ का निर्माण होगा।
औद्योगिक विकास: उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इकोटेक-10 में 220 केवी का बिजलीघर बनाया जाएगा।
आवंटन दरें: संपत्तियों की मौजूदा आवंटन दरों में केवल 3.58% की मामूली वृद्धि की गई है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की इस बोर्ड बैठक ने एक तरफ जहां विकास की गति को तेज करने के लिए निवेश की राह प्रशस्त की है, वहीं दूसरी तरफ जल शुल्क और रजिस्ट्री जैसे मामलों में आम नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाया है। कार्बन क्रेडिट के प्रस्ताव को मंजूरी देकर प्राधिकरण ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है।


