आगामी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच दादरी की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। रविवार को समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य इन्दर प्रधान ने दादरी के पल्ला गांव में एक ‘जन-पंचायत’ का आयोजन कर विधानसभा चुनाव के लिए अपनी दावेदारी का बिगुल फूंक दिया है। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए।
भाजपा पर साधा निशाना, विकास को बताया ठप
जन-पंचायत को संबोधित करते हुए इन्दर प्रधान ने कहा कि मौजूदा भाजपा शासनकाल में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए त्रस्त है और सरकार दमनकारी नीतियों के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों का शोषण कर रही है। प्रधान ने कहा, “सपा शासनकाल में प्रदेश ने विकास की नई इबारत लिखी थी, लेकिन भाजपा के आने के बाद विकास की गति पूरी तरह ठप हो गई है। भाजपा के पास बताने के लिए कोई काम नहीं है, वे केवल जनता का ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं।”
‘चुनाव लड़ना और जीतना जानते हैं’
दादरी सीट से अपनी उम्मीदवारी को मजबूती से रखते हुए इन्दर प्रधान ने एक बड़ा दावा किया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके साथ एक लाख वफादार वोटबैंक का समर्थन है और जीत के लिए आवश्यक 1.5 लाख वोटों के लक्ष्य को पाना उनके लिए कठिन नहीं है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, “यदि पार्टी नेतृत्व ने मुझ पर भरोसा जताया और टिकट दिया, तो मैं दिखा दूंगा कि चुनाव कैसे लड़ा और जीता जाता है।”
समर्थकों की मांग, पार्टी में गुटबाजी के संकेत
सभा में मौजूद वक्ताओं ने तर्क दिया कि दादरी में अब तक नवाब सिंह नागर, सतवीर नागर और मास्टर तेजपाल नागर को दो दो बार मौका मिल चुका है, इसलिए अब बदलाव जरूरी है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से इन्दर प्रधान जैसे जमीन से जुड़े और कर्मठ नेता को टिकट देने की पुरजोर अपील की।

हालांकि, इस शक्ति प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं—जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी, प्रवक्ता राजकुमार भाटी और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी डॉ. महेंद्र नागर—की अनुपस्थिति ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन दिग्गजों की गैर-मौजूदगी पार्टी के भीतर बढ़ती गुटबाजी और इन्दर प्रधान के लिए बढ़ती चुनौतियों की ओर इशारा कर रही है।
कार्यक्रम में बब्बल भाटी, कृष्णा चौहान, सुनीता यादव, अक्षय चौधरी, विनीत यादव, विनोद लोहिया, और मेहंदी हसन समेत कई स्थानीय समर्थकों ने शिरकत की। दादरी की राजनीति में इन्दर प्रधान की यह सक्रियता आने वाले दिनों में सपा के भीतर टिकट की खींचतान को और बढ़ा सकती है।
क्या सपा हाईकमान इन्दर प्रधान के इस दावे को गंभीरता से लेगा, या पार्टी के भीतर की यह गुटबाजी किसी नए समीकरण को जन्म देगी? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि दादरी की चुनावी शतरंज पर इन्दर प्रधान ने अपनी पहली चाल चल दी है।


