अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पुनर्गठन तय, चंपत राय का महासचिव पद से इस्तीफा

NCR Khabar News Desk
4 Min Read

बिजनौर। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कड़े रुख के बाद उठाया गया है।

- Support Us for Independent Journalism-
Ad image

इस्तीफे की पृष्ठभूमि और राजनीतिक दबाव विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के सूत्रों के अनुसार, चढ़ावे में अनियमितता की खबरें सामने आने के बाद से ही संघ और सरकार की ओर से पदों को छोड़ने का संकेत दिया जा रहा था। बताया जा रहा है कि चंपत राय शुरुआत में पद छोड़ने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन शनिवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और संघ के शीर्ष नेतृत्व की ओर से मिले सख्त संदेश के बाद उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया।

- Advertisement -
Ad image

प्रधानमंत्री के स्वदेश लौटने के बाद सोमवार को ट्रस्ट के पुनर्गठन पर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। चर्चा है कि विहिप के महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा को ट्रस्ट में चंपत राय की जगह दी जा सकती है। फिलहाल, चंपत राय इस महीने के अंत तक आने वाली एसआईटी (SIT) रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद वे मीडिया के सामने अपना पक्ष रखेंगे।

चंपत राय का सफर

शिक्षक से राम मंदिर आंदोलन के सारथी तक 18 नवंबर 1946 को बिजनौर के नगीना स्थित मोहल्ला सरायमीर में जन्मे चंपत राय का जीवन सादगी और वैचारिक प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा है। उन्होंने मेरठ कॉलेज से बीएससी और वर्धमान कॉलेज, बिजनौर से एमएससी की शिक्षा पूर्ण की। 1970 के दशक में उन्होंने रोहतक और फिर धामपुर के आरएसएम कॉलेज में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता के रूप में कार्य किया।

- Advertisement -
Ad image

1975 में आपातकाल के दौरान जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने कॉलेज पहुंची, तो वे कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे। उन्होंने 18 महीने जेल में बिताए। 1980-81 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देकर स्वयं को पूरी तरह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और श्रीराम मंदिर आंदोलन के लिए समर्पित कर दिया।

परिजनों और स्थानीय निवासियों ने आरोपों को बताया ‘निराधार’

चंपत राय पर लगे आरोपों के बाद उनके पैतृक निवास नगीना में रोष और दुख का माहौल है। उनके भाई सुनील बंसल, जो आज भी एक छोटी सी बर्तन की दुकान चलाते हैं, ने इन आरोपों को राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा, “मेरे भाई ने देश सेवा और मंदिर आंदोलन के लिए अपना घर, परिवार और करियर सब त्याग दिया। उनके पास निजी संपत्ति के नाम पर कुछ नहीं है।”

स्थानीय निवासियों और ट्रांसपोर्टर शलभ गोयल का कहना है कि चंपत राय की ईमानदारी का प्रमाण उनके पैतृक घर की जर्जर स्थिति से लगाया जा सकता है। बजरंग दल और विहिप के स्थानीय नेताओं ने भी इसे उन्हें बदनाम करने की साजिश करार दिया है।

भविष्य की रूपरेखा

ट्रस्ट में इस बड़े फेरबदल के बाद अब केंद्र सरकार की प्राथमिकता मंदिर प्रबंधन की साख को पुनर्जीवित करना है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट इस मामले में निर्णायक साबित होगी। तब तक ट्रस्ट के अंतरिम कामकाज और नए पदाधिकारियों की नियुक्ति पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

Share This Article
एनसीआर खबर दिल्ली एनसीआर का प्रतिष्ठित हिंदी समाचार वेब साइट है। एनसीआर खबर में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय,सुझाव और ख़बरें हमें mynews.ncrkhabar@gmail.com पर भेज सकते हैं या 09654531723 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं हम आपके भरोसे ही स्वतंत्र ओर निर्भीक ओर दबाबमुक्त पत्रकारिता करते है I इसको जारी रखने के लिए हमे आपका सहयोग ज़रूरी है I अपना सूक्ष्म सहयोग आप हमे 9654531723 पर PayTM/ GogglePay /PhonePe या फिर UPI : 9654531723@paytm के जरिये दे सकते है