ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण शहर में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। ई-बसों के सफल संचालन के बाद, अब शहर में चार्जिंग स्टेशन और बस शेल्टर बनाने का काम शुरू होने वाला है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य निवासियों को बसों के सही स्थान और समय की जानकारी उपलब्ध कराना और उनके सफर को सुगम बनाना है।
बीओटी मॉडल पर होगा विकास
‘एनसीआर खबर’ जो मिली जानकारी के अनुसार, प्राधिकरण इस परियोजना को दो चरणों में पूरा करेगा। प्रथम चरण में, वर्षों पहले शहर में बने पुराने बस शेल्टरों को ‘बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) मॉडल पर पुनर्विकसित किया जाएगा। इसके बाद, दूसरे चरण में ग्रेटर नोएडा वेस्ट जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में नए सिरे से बस शेल्टर बनाने के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। प्राधिकरण की योजना कुल 45 बस स्टैंड विकसित करने की है।
नेफोवा की मांग: केवल ढांचा नहीं, ‘वर्ल्ड क्लास’ हों बस शेल्टर
प्राधिकरण की इस योजना के बीच, ग्रेटर नोएडा के फ्लैट बायर्स की सबसे बड़ी संस्था ‘नेफोवा’ ने मोर्चा खोल दिया है। नेफोवा ने प्राधिकरण को एक पत्र लिखकर मांग की है कि बस शेल्टरों को केवल औपचारिक ढांचा बनाकर न छोड़ा जाए, बल्कि इन्हें भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अत्याधुनिक और वातानुकूलित (AC) बनाया जाए।
नेफोवा का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हजारों की संख्या में लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं। ऐसे में कड़ाके की धूप, बारिश और ठंड से बचने के लिए यात्रियों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान की आवश्यकता है।

अत्याधुनिक सुविधाओं की सूची: नेफोवा ने प्राधिकरण के समक्ष निम्नलिखित महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं:
एयर कंडीशनिंग (AC): भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए शेल्टरों में एसी या प्रभावी कूलिंग सिस्टम हो।
सुरक्षा: यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और रात में पर्याप्त रोशनी।
डिजिटल डिस्प्ले: बस रूट और आने-जाने के समय की सटीक जानकारी देने वाली डिजिटल स्क्रीन।
तकनीकी सुविधा: मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और पीने के पानी की व्यवस्था।
समावेशी डिजाइन: बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए सुगम (Accessible) डिजाइन और आरामदायक सीटें।
मौसम से बचाव: बारिश और सर्दियों की ठंडी हवाओं से सुरक्षा के लिए मजबूत छत और साइड कवर्स।
जनता की राय और भविष्य की जरूरत
ग्रेटर नोएडा वेस्ट जिस रफ्तार से आबादी के मामले में बढ़ रहा है, वहां बुनियादी ढांचा भी उतना ही मजबूत होना चाहिए। नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने एनसीआर खबर से कहा कि जब शहर को ‘स्मार्ट सिटी’ के तौर पर विकसित करने का दावा किया जाता है, तो बस स्टैंड भी विश्व विश्वस्तरीय होने चाहिए।
अब देखना यह होगा कि क्या ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण नेफोवा की इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए निवासियों को ‘एसी बस शेल्टर’ का तोहफा देता है या फिर पुराने ढर्रे पर ही नए शेल्टर खड़े कर दिए जाएंगे। फिलहाल, प्राधिकरण के इस कदम से निवासियों में एक उम्मीद तो जगी है कि जल्द ही उन्हें सड़कों पर बसों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।



