नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले पर विरोध प्रदर्शन के बाद अब ‘टीम भारत’ के संस्थापक तहसीन पूनावाला ने केंद्र सरकार की ई20 (E20) ईंधन नीति के खिलाफ एक नए आंदोलन का ऐलान किया है। पूनावाला ने ई20 नीति को “सबसे खराब तरीके से लागू की गई नीतियों में से एक” करार देते हुए आगामी 31 जुलाई को राजधानी दिल्ली में ‘गाड़ी मार्च, गांधी मार्च’ का आह्वान किया है।
ईंधन नीति में सुधार और कीमतों पर दावा ई20 नीति पर सवाल उठाते हुए तहसीन पूनावाला ने दावा किया कि यदि इस नीति में सही और आवश्यक सुधार किए जाएं, तो आम नागरिकों को 80 से 90 रुपये प्रति लीटर के बीच शुद्ध और बिना मिलावट वाला पेट्रोल उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल ईंधन की दरों का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के अधिकारों, विकल्प चुनने की स्वतंत्रता और नीतिगत पारदर्शिता से जुड़ा मामला है। पूनावाला ने मांग की है कि ई20 नीति से संबंधित सभी सरकारी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं और इथेनॉल-मिश्रित ईंधन के कारण जिन वाहन मालिकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, सरकार उनकी चिंताओं का समाधान करे।
31 जुलाई को दिल्ली में ‘गाड़ी मार्च’ आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए उन्होंने घोषणा की कि ‘गाड़ी मार्च, गांधी मार्च’ का आयोजन 31 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को किया जाएगा। यह मार्च नई दिल्ली के ऐतिहासिक इंडिया गेट से शुरू होगा और संसद मार्ग की ओर बढ़ेगा।

योजना के अनुसार, प्रदर्शनकारी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय हरदीप सिंह पुरी के कार्यालयों व सरकारी आवासों तक पहुंचेंगे।
नागरिकों से शामिल होने की अपील स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों से समर्थन मांगते हुए तहसीन पूनावाला ने लोगों से अपनी कार और बाइक के साथ इस शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने का आग्रह किया है। उन्होंने “मेरी गाड़ी, मेरा अधिकार” और “मेरी बाइक, मेरी पसंद” के नारों के साथ जोर दिया कि वर्तमान व्यवस्था में नागरिकों को अपनी आवश्यकता के अनुसार ईंधन चुनने का स्पष्ट विकल्प मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन नागरिकों के अधिकारों और उनकी पसंद की रक्षा के लिए आयोजित किया जा रहा है, इसलिए अधिक से अधिक संख्या में लोगों को इसमें भाग लेना चाहिए।



