ग्रेटर नोएडा। मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अलर्ट मोड पर नजर आया। शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्राधिकरण की टीमें सुबह से ही फील्ड में तैनात रहीं। मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के कड़े निर्देशों के बाद वर्क सर्किल की टीमों के साथ-साथ उच्चाधिकारियों ने भी मोर्चा संभाले रखा।
सीईओ के सख्त निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की दी चेतावनी
बारिश शुरू होते ही सीईओ एनजी रवि कुमार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलभराव की समस्या को तुरंत दूर किया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीईओ की इस चेतावनी का असर जमीन पर दिखा, जहाँ सुपरवाइजर से लेकर वर्क सर्किल प्रभारी तक सक्रिय नजर आए।
ड्रेनेज सिस्टम और अंडरपास पर रहा विशेष फोकस
प्राधिकरण की टीमों ने विशेष रूप से शहर के ड्रेनेज सिस्टम, अंडरपास, सेक्टरों और ग्रामीण क्षेत्रों की नालियों पर ध्यान केंद्रित किया। जिन सड़कों और गोलचक्करों पर पानी जमा होने की संभावना थी, वहां पहले से ही टीमें तैनात कर दी गई थीं। कई स्थानों पर पंप लगाकर जमा हुए पानी की निकासी कराई गई और नालियों की सफाई कर पानी के बहाव को सुचारू बनाया गया।
मैदान में डटे रहे आला अधिकारी
फील्ड में तैनात अधिकारियों में महाप्रबंधक (जीएम) ए.के. सिंह और उप महाप्रबंधक (डीजीएम) विजय कुमार रावल ने खुद मोर्चा संभाला और विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम, नागेंद्र सिंह, नरोत्तम सिंह और प्रभात शंकर सहित सभी वर्क सर्किल के प्रबंधक और सहायक प्रबंधक भी बारिश के दौरान मुस्तैद रहे।

प्राधिकरण की इस सक्रियता का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को बारिश के दौरान होने वाली असुविधाओं से बचाना था। जलजमाव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की गई ताकि यातायात बाधित न हो और लोगों के घरों व रास्तों में पानी न भरे।



