गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महत्वाकांक्षी ‘हरनंदीपुरम टाउनशिप’ परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा वित्तीय सहयोग दिया है। ‘मुख्यमंत्री शहरी विस्तार योजना’ के अंतर्गत शासन द्वारा 943.37 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी कर दी गई है। इस धनराशि के मिलने के बाद अब भूमि अधिग्रहण की शेष प्रक्रिया और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
जीडीए अधिकारियों के अनुसार, आगामी बोर्ड बैठक में हरनंदीपुरम टाउनशिप के प्रथम चरण के विस्तृत लेआउट (Layout) को अंतिम अनुमोदन के लिए रखा जाएगा। बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही पहले चरण को आम जनता के लिए लॉन्च करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जीडीए इस योजना को जिले में नियोजित और आधुनिक शहरी विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।
आठ गांवों की जमीन पर आकार लेगी टाउनशिप
लगभग 501 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित इस वृहद टाउनशिप का निर्माण आठ गांवों की भूमि पर किया जा रहा है। इनमें मथुरापुर, शमशेर, चंपतनगर, भनेड़ा खुर्द, नगला फिरोज मोहनपुर, भोवापुर, शाहपुर निज मोरटा और मोरटा शामिल हैं।
परियोजना के पहले चरण में करीब 48 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए किसानों की सहमति से भूमि क्रय की प्रक्रिया चल रही है और प्रथम चरण के लिए आवश्यक अधिकांश भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है।

हरनंदीपुरम भविष्य में गाजियाबाद की सबसे प्रमुख आवासीय टाउनशिप के रूप में स्थापित होगी। शासन द्वारा 943.37 करोड़ रुपये की दूसरी वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। इस धनराशि से परियोजना के विकास कार्यों को तेजी मिलेगी और पहले चरण की लॉन्चिंग का मार्ग भी लगभग साफ हो गया है।
नंद किशोर कलाल -उपाध्यक्ष जीडीए
पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर
हरनंदीपुरम को केवल आवासीय भूखंडों तक सीमित न रखकर एक एकीकृत और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) टाउनशिप के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें शहरी जीवन की सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा:
हरित आवरण और पार्क: पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए टाउनशिप में विस्तृत हरित पट्टियां (Green Belts) और पार्कों का निर्माण किया जाएगा।
जल एवं भू-जल संरक्षण: वर्षा जल संचयन प्रणाली (Rainwater Harvesting) और भू-जल संरक्षण के कड़े नियम लागू किए जाएंगे।
अधोसंरचना: चौड़ी सड़कें, निर्बाध पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति और आधुनिक भूमिगत सीवर नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
नागरिक सुविधाएं: क्षेत्र में सामुदायिक केंद्र और सामाजिक अवसंरचना के लिए भी स्थान चिन्हित किया गया है।
स्थानीय निवासियों को मिलेगा व्यवस्थित आवास का विकल्प
शासन से दूसरी किस्त प्राप्त होने के बाद जीडीए प्रशासन का कहना है कि विकास कार्यों को अब और गति मिलेगी। इस योजना के पूरा होने से न केवल हजारों परिवारों को आधुनिक और सुरक्षित आवासीय विकल्प प्राप्त होंगे, बल्कि गाजियाबाद में अनियोजित और अस्त-व्यस्त निर्माण पर भी अंकुश लगेगा। जीडीए का मानना है कि यह टाउनशिप गाजियाबाद के सुव्यवस्थित शहरी विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगी।



